राज्यसभा में सदन के नेता जे.पी. नड्डा ने पश्चिम एशिया संघर्ष पर श्री जयशंकर के बयान के दौरान विपक्ष के व्यवहार की आलोचना करते हुए कहा कि उनकी रुचि बहस में नहीं बल्कि अराजकता फैलाने में है। श्री नड्डा ने कहा कि पिछले सत्रों में भी विपक्ष ने ऐसे ही सदन की कार्यवाही बाधित की थी।
उन्होंने कहा कि पिछले वर्ष दिसंबर के चुनावी सुधारों और अंतरिक्ष कार्यक्रम पर चर्चा के दौरान विपक्ष ने सदन से वॉकआउट किया था। श्री नड्डा ने कहा कि विपक्ष ने ऑपरेशन सिंदूर और पहलगाम आतंकी हमले तथा वक्फ विधेयक पर चर्चा के दौरान भी वॉकआउट किया था, जो संसदीय लोकतंत्र के लिए अच्छा नहीं है।
उन्होंने आरोप लगाया कि विपक्ष को विकसित भारत या आत्मनिर्भर भारत में कोई रुचि नहीं है, बल्कि वे केवल राजनीति करना चाहते हैं। इससे पहले कांग्रेस अध्यक्ष और राज्यसभा में विपक्ष के नेता मल्लिकार्जुन खरगे ने कहा कि पश्चिम एशिया संघर्ष के कारण देश की आर्थिक स्थिरता प्रभावित होगी और वहां काम करने वाले भारतीय नागरिकों की सुरक्षा और आजीविका खतरे में पड़ जाएगी। श्री खरगे ने “भारत की ऊर्जा सुरक्षा के लिए उभरती चुनौतियों” पर अल्पावधि चर्चा की मांग करते हुए एक प्रस्ताव के दौरान यह बात कही।