जनवरी 20, 2026 3:38 अपराह्न

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तमिलनाडु के राज्यपाल आरएन रवि ने डीएमके द्वारा तैयार भाषण को विधानसभा में पढ़ने से किया इनकार

तमिलनाडु के राज्‍यपाल आर एन रवि ने आज राज्य विधानसभा में अपने पारंपरिक संबोधन में डीएमके सरकार द्वारा तैयार किए गए हिस्‍से को पढ़ने से इनकार कर दिया, क्योंकि उसमें कुछ त्रुटियां थीं। लोकभवन ने विस्तृत स्पष्टीकरण जारी करते हुए कहा कि राज्यपाल को बोलने का अवसर नहीं दिया गया। उनका माइक्रोफोन बार-बार बंद कर दिया गया और सदन के समक्ष विचार रखने की अनुमति नहीं दी गई तथा उन्‍हें अपना संबोधन पढ़ने से रोक दिया गया।

लोकभवन ने कहा कि तमिलनाडु सरकार का दावा है कि राज्‍य में 12 लाख करोड़ रूपए से अधिक का निवेश हुआ है, जो सही नहीं है। 234 सदस्‍यों वाली विधानसभा में बिना संबोधन के राज्‍यपाल के लौटने के कुछ देर बाद लोकभवन ने 13 सूत्रीय स्‍पष्‍टीकरण जारी किया। लोकभवन ने बताया कि भाषण में कई निराधार दावे और भ्रामक बयान थे। इसमें जनता से जुड़े मुद्दों को नजरअंदाज किया गया था।

राष्ट्रगान न बजाए जाने का कारण बताते हुए राज्यपाल सदन से बाहर चले गए। तमिलनाडु के मुख्यमंत्री एम.के. स्टालिन ने राज्यपाल की इस कार्रवाई को निर्वाचित सरकार का अपमान बताया और इसे असंवैधानिक करार दिया। विधानसभा अध्यक्ष एम. अप्पावु ने राज्यपाल के भाषण का अनुवाद पढ़ना शुरू किया। विपक्षी दल ए आई ए डी एम के, भाजपा और पी एम के के अंबुमणि के सदस्यों ने तुरंत खड़े होकर विधानसभा में तमिलनाडु में कानून व्यवस्था की स्थिति पर चर्चा कराए जाने की मांग की।