दिल्ली विधानसभा अध्यक्ष विजेन्द्र गुप्ता ने आज कहा कि विधायी जवाबदेही जनता और उनके निर्वाचित प्रतिनिधियों के बीच एक जीवंत और गतिशील संबंध है, जो लोकतंत्र की नैतिक और संवैधानिक आधारशिला है। लखनऊ में आयोजित 86वें अखिल भारतीय पीठासीन अधिकारी सम्मेलन को संबोधित करते हुए श्री गुप्ता ने संवैधानिक लोकतंत्र में विधायिकाओं की केंद्रीय भूमिका पर बल दिया। उन्होंने कहा विधायिकाएँ केवल प्रक्रियात्मक संस्थाएँ नहीं हैं, बल्कि लोकतांत्रिक शासन की सबसे प्रत्यक्ष और सशक्त अभिव्यक्ति हैं। संबोधन के दौरान श्री गुप्ता ने कहा कि जवाबदेही केवल प्रतीकात्मक या औपचारिक नहीं हो सकती, बल्कि इसे नियमित बैठकों, अनुशासित आचरण तथा सत्तापक्ष और विपक्ष दोनों द्वारा सार्थक विमर्श के माध्यम से सजीव रूप में प्रदर्शित किया जाना चाहिए। विधानसभाओं की बैठकों की घटती संख्या और प्रभावी कार्यघंटों में कमी पर चिंता व्यक्त करते हुए श्री गुप्ता ने कहा कि इससे कार्यपालिका की निगरानी कमजोर होती है।
Site Admin | जनवरी 20, 2026 7:52 अपराह्न
विधानसभा अध्यक्ष विजेन्द्र गुप्ता बोले, विधायी जवाबदेही लोकतंत्र की आधारशिला