एयर मार्शल संजीव घुरतिया ने कहा है कि विद्युत और ऊर्जा प्रणालियाँ देश की हवाई क्षेत्र की क्षमता की जीवनरेखा हैं। मिलिट्री पावर सिस्टम्स इंडिया 2026 के उद्घाटन समारोह में एयर मार्शल घुरतिया ने कहा कि ये क्षेत्र प्रदर्शन, पेलोड, लॉजिस्टिक्स स्थिरता और पर्यावरणीय प्रभाव को निर्धारित करने में महत्वपूर्ण हैं। उन्होंने कहा कि रक्षा और हवाई क्षेत्र प्रणालियाँ अब केवल सहायक भूमिका निभाने वाली नहीं हैं, बल्कि एक ऐसी शक्ति हैं जो परिचालन गति और लचीलेपन को आकार देती हैं।
एयर मार्शल ने कहा कि विकासात्मक और ऊर्जावान सामग्रियों में स्वदेशी क्षमता न केवल वांछनीय है, बल्कि संकट के दौरान परिचालन विश्वसनीयता के लिए आवश्यक है। उन्होंने कहा कि एयरोस्पेस अनुसंधान एकीकृत ऊर्जा संरचनाओं की ओर बढ़ रहा है और आज हाइड्रोजन आधारित प्रणालियों पर शोध किया जा रहा है। एयर मार्शल घुरतिया ने कहा कि सशक्त प्रणालियों के निर्माण के लिए सरकार, अनुसंधान, उद्योग और शिक्षा जगत को एकीकृत होने की आवश्यकता है।