विदेश मंत्रालय में आर्थिक संबंध सचिव सुधाकर दलेला ने कहा है कि वैश्विक अर्थव्यवस्था कोविड-महामारी के बाद के प्रभावों, भू-राजनीतिक संघर्षों और आपूर्ति श्रृंखलाओं के असाधारण दौर से गुजर रही है। उन्होंने ये बात नई दिल्ली में आयोजित अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन में कही।
सम्मेलन का विषय था- दबाव में बहुपक्षवाद: विश्व व्यापार संगठन मंत्रिस्तरीय सम्मेलन का रोडमैप।
श्री दलेला ने कहा कि विशेष रूप से भारत जैसे विकासशील देश वैश्विक वृद्धि के प्रमुख चालक के रूप में उभरे हैं। उन्होंने कहा कि ग्लोबल साउथ अब वैश्विक जीडीपी में 42 प्रतिशत से अधिक का योगदान देता है।
श्री दलेला ने कहा कि इस परिवर्तन के लिए विश्व व्यापार संगठन जैसे वैश्विक शासन संस्थानों में तत्काल सुधार की आवश्यकता है ताकि वर्तमान वास्तविकताओं को बेहतर ढंग से प्रतिबिंबित किया जा सके।