वित्त मंत्री निर्मला सीतारामन ने नई दिल्ली में केंद्रीय मंत्रालयों और सार्वजनिक क्षेत्र के उपक्रमों के लिए परिसंपत्ति मुद्रीकरण योजना के दूसरे चरण का शुभारंभ किया है। इस योजना का दूसरा चरण नीति आयोग द्वारा अवसंरचना संबंधी मंत्रालयों के परामर्श से तैयार किया गया है, जो केंद्रीय बजट 2025-26 में घोषित ‘परिसंपत्ति मुद्रीकरण योजना 2025-30’ के जनादेश पर आधारित है। राष्ट्रीय मुद्रीकरण योजना 2.0 के अनुसार, वित्त वर्ष 2025-26 से वित्त वर्ष 2029-30 तक पांच वर्षों की अवधि में केंद्रीय मंत्रालयों और सार्वजनिक क्षेत्र की संस्थाओं की परिसंपत्ति मुद्रीकरण योजना के तहत 16 लाख 72 हजार करोड़ रुपये की कुल मुद्रीकरण क्षमता का अनुमान है, जिसमें निजी क्षेत्र का 5 लाख 80 हजार करोड़ रुपये का निवेश भी शामिल है।
अपने संबोधन में, श्रीमती सीतारामन ने राष्ट्रीय मुद्रीकरण पाइपलाइन 1.0 के कार्यान्वयन में चार वर्षों के लिए निर्धारित छह लाख करोड़ रुपये के लक्ष्य का लगभग 90 प्रतिशत हासिल करने के लिए सरकार के सभी मंत्रालयों और विभागों तथा नीति आयोग की सराहना की। उन्होंने कहा कि एनएमपी 2.0 त्वरित अवसंरचना विकास के माध्यम से विकसित भारत के लक्ष्य को प्राप्त करने के मिशन के अनुरूप है और इसमें भारत की विकास गति को गति देने की क्षमता है। राष्ट्रीय मुद्रीकरण पाइपलाइन 2.0 को नीति आयोग के सीईओ और अवसंरचना संबंधी मंत्रालयों के सचिवों के साथ-साथ वित्त मंत्रालय, विधि मंत्रालय और मुख्य आर्थिक सलाहकार के सचिवों की उपस्थिति में जारी किया गया।