मार्च 6, 2026 11:48 पूर्वाह्न

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विकासशील और अल्‍पविकसित देशों के लिए समुद्री विकास में स्थिरता आवश्‍यक है: विदेश राज्य मंत्री कीर्ति वर्धन सिंह

विदेश राज्य मंत्री कीर्ति वर्धन सिंह ने कहा है कि विकासशील और अल्‍पविकसित देशों के लिए समुद्री विकास में स्थिरता आवश्‍यक है। नई दिल्‍ली में रायसीना डॉयलाग के दूसरे दिन श्री कीर्ति वर्धन सिंह ने कहा कि भारत के निर्णय राष्‍ट्र हितों के अनुरूप होते हैं और किसी एक गुट के साथ जुड़े नहीं है।

उन्‍होंने कहा कि भारत नौवहन की स्‍वतंत्रता का निरंतर समर्थन करता है और हिन्‍द-प्रशांत क्षेत्र में मौजूदा स्थिति को बदलने के एकतरफा प्रयासों का विरोध करता है।

उन्‍होंने कहा कि चाहे यूक्रेन हो या पश्चिम एशिया, भारत संवाद और कूटनीति पर निरंतर जोर देता आया है। साथ ही कनेक्टिविटी और स्थिरता को बढावा देने के लिए भारत-पश्चिम एशिया-यूरोप आर्थिक गलियारों जैसे प्रयासों को आगे बढ़ा रहा है।

श्री कीर्ति वर्धन ने कहा कि भारत अमरीका के साथ खुले, मुक्‍त समावेशी और सहयोगात्‍मक हिन्‍द प्रशांत क्षेत्र के दृष्टिकोण को साझा करता है तथा यूरोप के साथ भारत का सहयोग साझा लोकतांत्रिक मूल्यों और व्यावहारिक बातचीत पर आधारित है।

उन्‍होंने कहा कि ब्रिक्‍स संगठन की अध्‍यक्षता संभालने के साथ भारत लचीलापन, नवाचार, सहयोग और सतत विकास सहित चार बड़े स्‍तंभों पर ध्‍यान केंद्रित करता है।