केंद्रीय बजट 2026-27 में कृषि, पर्यटन, डेटा केंद्रों, इलेक्ट्रॉनिक्स, उन्नत विनिर्माण और हरित ऊर्जा पर विशेष ध्यान देते हुए 2047 तक विकसित भारत के लक्ष्य को प्राप्त करने की मजबूत नींव रखी गई है। वर्ल्ड ट्रेड सेंटर मुंबई और अखिल भारतीय उद्योग संघ के अध्यक्ष डॉ. विजय कलांत्री ने कहा कि बजट में उन्नत प्रौद्योगिकियों, जैव-फार्मा उद्योग, कंटेनर निर्माण और निर्माण सामग्री में घरेलू विनिर्माण को प्रोत्साहन देकर आत्मनिर्भरता को सुदृढ़ करने का प्रयास किया गया है। इसमें वैश्विक अनिश्चितता के बीच आपूर्ति श्रृंखला को मजबूत बनाने के लिए दुर्लभ पृथ्वी तत्वों पर रणनीतिक ध्यान केंद्रित किया गया है।
डॉ. कलांत्री ने नकदी उपलब्धता, समर्पित निधियों और सरकारी ई-मार्केट प्लेस और ट्रेड रिवर्सेबल डिस्काउंट सिस्टम के एकीकरण के माध्यम से एमएसएमई पर विशेष बल देने का स्वागत किया। इससे एमएसएमई क्षेत्र प्रमुख विकास चालक के रूप में स्थापित हो सकेगा। उन्होंने कहा कि शहरी अवसंरचना वित्तपोषण, नगरपालिका बांड, सीमा शुल्क को निर्यातोन्मुख और युक्ति संगत बनाने तथा करों के सरलीकरण से व्यापार सुगमता बढ़ेगी। उन्होंने कहा कि दूरदर्शी सोच के साथ यह बजट भारत को 8 से 9 प्रतिशत की वृद्धि दर बनाए रखने और 2047 तक 30 ट्रिलियन डॉलर की अर्थव्यवस्था बनाने में सहायक होगा।