लोकसभा में रेल मंत्रालय की 2026-27 के लिए अनुदान मांगों पर आगे चर्चा हुई। चर्चा में भाग लेते हुए, तृणमूल कांग्रेस की शताब्दी रॉय ने कहा कि तीन सौ 41 ट्रेनों में पैंट्री सेवा की सुविधा नहीं है। उन्होंने जोर दिया कि ट्रेनों में स्वच्छ भोजन व्यवस्था सुनिश्चित की जानी चाहिए। सुश्री रॉय ने यह भी बताया कि रेलवे प्रतीक्षा सूची में दर्ज टिकटों को रद्द करने पर भी यात्रियों से रद्दीकरण शुल्क वसूल रहा है।
लोक जनशक्ति पार्टी (आर) के अरुण भारती ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में भारतीय रेलवे ने अपनी परिवहन प्रणाली में बदलाव किया है और अब वैश्विक मानक स्थापित कर रहा है। उन्होंने कहा कि 2026-27 के केंद्रीय बजट में रेलवे के लिए 2 लाख 93 हजार करोड़ रुपये का पूंजीगत व्यय आवंटित किया गया है, जिससे बुनियादी ढांचे के विकास को बढ़ावा मिलेगा। उन्होंने यह भी दावा किया कि गंभीर रेल दुर्घटनाओं में 90% की कमी आई है। श्री भारती ने बताया कि यूपीए सरकार के कार्यकाल में प्रतिदिन 4.2 किलोमीटर रेलवे ट्रैक बिछाया जाता था, जो अब बढ़कर 8.5 किलोमीटर प्रतिदिन हो गया है।
कांग्रेस के राजमोहन उन्नीथन ने आरोप लगाया कि केरल में रेलवे परियोजनाएं बहुत धीमी गति से चल रही हैं। उन्होंने राज्य में हाई-स्पीड रेल कॉरिडोर की मांग की।
भाजपा की मालविका देवी ने कहा कि मोदी सरकार ने भारतीय रेलवे को नई दिशा दी है। उन्होंने कहा कि केंद्रीय बजट में रेलवे से संबंधित घोषणाओं से राजस्व और यात्री सुविधाओं में वृद्धि होगी। मालविका देवी ने कहा कि वंदे भारत स्लीपर, पूर्व-पश्चिम माल कॉरिडोर, कवच सुरक्षा प्रणाली का विस्तार, पूर्ण विद्युतीकरण, ट्रैक दोहरीकरण और नई निर्माण परियोजनाओं जैसी पहलों से न केवल यात्रियों के आराम, सुरक्षा और गति में सुधार होगा, बल्कि टिकाऊ, पर्यावरण के अनुकूल और आधुनिक परिवहन बुनियादी ढांचे को भी बढ़ावा मिलेगा।