लोकसभा में आज औद्योगिक संबंध संहिता संशोधन विधेयक 2026 पेश किया गया। इसका उद्देश्य 2020 के औद्योगिक संबंध संहिता में किए गए कुछ बदलावों की निरंतरता को लेकर भविष्य में होने वाली अनावश्यक जटिलताओं से बचने के उपाय करना है।
केंद्रीय श्रम और रोजगार मंत्री मनसुख मांडविया ने शून्यकाल के दौरान सदन में यह विधेयक पेश किया। विधेयक के उद्देश्यों और कारणों के विवरण के अनुसार, औद्योगिक संबंध संहिता, 2020, ट्रेड यूनियन अधिनियम, 1926, औद्योगिक रोजगार (स्थायी आदेश) अधिनियम, 1946 और औद्योगिक विवाद अधिनियम, 1947 का स्थान लेती है, जो ट्रेड यूनियनों, औद्योगिक इकाइयों में रोजगार और औद्योगिक विवादों से संबंधित है।