संसद के दोनों सदनों की कार्यवाही विपक्षी सदस्यों के विभिन्न मुद्दों के हंगामें के कारण दो बजे तक के लिए स्थगित कर दी गई है। पहले स्थगन के बाद लोकसभा की कार्यवाही दोपहर 12 बजे शुरू होने पर केन्द्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारामन ने वर्ष 2025-26 के लिए मणिपुर राज्य का अनुमानित प्राप्ति और व्यय विवरण प्रस्तुत किया। केन्द्रीय मंत्री डॉक्टर जितेन्द्र सिंह ने भी 2023-24 के लिए कर्मयोगी भारत की वार्षिक रिपोर्ट पेश की।
पीठासीन अधिकारी दिलीप सैकिया ने शून्यकाल चलाने का प्रयास किया, लेकिन विपक्षी सदस्य सदन के बीचोंबीच आ गये और मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण के मुद्दे पर चर्चा की मांग को लेकर नारेबाजी करने लगे। श्री सैकिया ने कहा कि सदन में रोजाना व्यवधान डालना और तख्तियां दिखाना उचित नहीं है। उन्होंने विपक्ष से सार्थक भूमिका निभाने और संसद को चलने देने का अग्रह किया। श्री सैकिया ने कहा कि सदन की कार्यवाही में बाधा डालने से इसकी गरिमा को क्षति पहुंचती है। उन्होंने विपक्षी सदस्यों से बार-बार अपनी सीटों पर जाने को कहा। हंगामा जारी रहने पर सदन की कार्यवाही दो बजे तक के लिए स्थगित कर दी गई।
इससे पहले सुबह 11 बजे सदन की कार्यवाही शुरू होने पर अध्यक्ष ओम बिरला ने जापान में 1945 में हिरोशिमा और नागासाकी परमाणु बम पीडि़तों को श्रृद्धाजंलि दी। उन्होंने कहा कि 80 साल पहले 6 और 9 अगस्त 1945 को हिरोशिमा और नागासाकी शहरों पर परमाणु बम गिराए गए थे, जिसमें बड़ी संख्या में लोंगों की जान गई थी और अनेक घायल हुए थे। सदन की ओर से श्री बिरला ने विश्व को जन विनाश के हथियारों से मुक्त करने की प्रतिबद्धता दोहराई और परमाणु हथियार को समाप्त करने के सामूहिक प्रयास का संकल्प लिया ताकि वैश्विक सौहार्द और शांति सुनिश्चित हो सके। सदन ने जान गंवाने वाले लोगों के सम्मान में मौन भी रखा। इसके बाद अध्यक्ष ने प्रश्नकाल चलाने का प्रयास किया, लेकिन विपक्षी सदस्यों ने विशेष गहन पुनरीक्षण के मुद्दे पर चर्चा की मांग को लेकर नारेबाजी शुरू कर दी। शोर शराबा जारी रहने पर सदन की कार्यवाही 12 बजे तक के लिए स्थगित कर दी गई।
राज्यसभा में भी ऐसी ही तरह की स्थिति रही। सुबह 11 बजे कार्यवाही शुरू होने पर सदन के पूर्व सदस्य सत्यपाल मलिक को श्रृद्धाजंलि दी गई। उनका कल नई दिल्ली में निधन हो गया था। उपसभापति हरिवंश ने कहा कि उन्हें विभिन्न मुद्दों पर कई राजनीतिक दलों से प्रस्ताव मिले थे, जिन्हें नियमों का हवाला देते हुए नामंजूर कर दिया गया। विपक्षी सदस्यों ने अपने मुद्दे उठाते हुए विरोध शुरू कर दिया। श्री हरिवंश ने कहा कि शून्यकाल में कई सदस्य जन महत्व के तत्काल मुद्दों को उठाना चाहते हैं और ऐसे में व्यवधान डालना उचित नहीं है। हंगामा जारी रहने पर संसद की कार्यवाही दो बजे तक के लिए स्थगित कर दी गई।