फ़रवरी 23, 2026 8:48 अपराह्न

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लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने 60 से अधिक देशों के साथ संसदीय मैत्री समूह गठित किए

विश्व के साथ देश की अंतर-संसदीय भागीदारी को व्यापक बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम उठाते हुए, लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने 60 से अधिक देशों के साथ संसदीय मैत्री समूह गठित किए हैं। यह कदम संसद द्वारा विभिन्न महाद्वीपों की विधानसभाओं के साथ संवाद और आदान-प्रदान को प्रगाढ़ बनाने और पारंपरिक कूटनीति को निरंतर संसदीय संवाद के साथ पूरक बनाने के सचेत प्रयास को दर्शाता है।

मैत्री समूहों में राजनीतिक क्षेत्र के सभी वर्गों के सांसद शामिल हैं। वरिष्ठ नेता और सांसद रवि शंकर प्रसाद, डॉ. एम. थंबीदुरई, पी. चिदंबरम, राम गोपाल यादव, टी.आर. बालू, काकोली घोष दस्तीदार, कनिमोई, असदुद्दीन ओवैसी, सस्मित पात्रा, श्रीकांत एकनाथ शिंदे, पी.वी. मिधुन रेड्डी, राजीव प्रताप रूडी और प्रफुल पटेल, अन्य गण्‍यमान्‍य लोगों के साथ इन समूहों का नेतृत्व करेंगे। जिन देशों के साथ संसदीय मैत्री समूह गठित किए गए हैं।

उनमें श्रीलंका, जर्मनी, न्यूजीलैंड, स्विट्जरलैंड, दक्षिण अफ्रीका, भूटान, सऊदी अरब, इज़राइल, मालदीव, अमरीका, रूस, यूरोपीय संघ की संसद, दक्षिण कोरिया, नेपाल, ब्रिटेन, फ्रांस, जापान, इटली, ओमान, ऑस्ट्रेलिया, ग्रीस, सिंगापुर, ब्राजील, वियतनाम, मैक्सिको, ईरान और संयुक्त अरब अमीरात शामिल हैं।

इस पहल का उद्देश्य सांसदों को विदेशों में अपने समकक्षों से सीधे संवाद करने, विधायी अनुभव साझा करने और नियमित संपर्क तथा सर्वोत्तम कार्यप्रणालियों के आदान-प्रदान के माध्यम से विश्वास का निर्माण करना है, ताकि द्विपक्षीय संबंधों को और मजबूत किया जा सके और आपसी समझ को बढ़ावा दिया जा सके।