लोकसभा अध्यक्ष श्री ओम बिरला ने आज नई दिल्ली में भारत रत्न महामना पंडित मदन मोहन मालवीय और पूर्व प्रधानमंत्री भारत रत्न अटल बिहारी वाजपेयी की जयंती पर पुष्पांजलि अर्पित की। ‘नो योर लीडर’ कार्यक्रम के अन्तर्गत विद्यार्थियों को संबोधित करते हुए श्री बिरला ने कहा कि दोनों नेताओं ने समावेशिता, राष्ट्रीय एकता और बहुलता के सम्मान के माध्यम से देश की लोकतांत्रिक और सांस्कृतिक नींव को मजबूत किया। उन्होंने संसद की कार्यवाहियों में क्षेत्रीय भाषाओं के उपयोग को बढ़ावा देने के लिए लोकसभा के प्रयासों को भी रेखांकित किया। ये देश की समृद्ध भाषाई विविधता को दर्शाता है।
महामना मालवीय को श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए श्री बिरला ने उन्हें आधुनिक विचार और शाश्वत मूल्यों का अद्वितीय संगम बताया। उन्होंने कहा कि बनारस हिंदू विश्वविद्यालय जैसे संस्थानों के माध्यम से शिक्षा, राष्ट्रनिर्माण और स्वतंत्रता आंदोलन में उनका योगदान अतुलनीय है।
अटल बिहारी वाजपेयी के बारे में उन्होंने कहा कि श्री वाजपेयी ने गरिमा, संवाद और निर्णायक नेतृत्व के माध्यम से भारतीय राजनीति को नई दिशा दी और सिद्धांतनिष्ठ सार्वजनिक जीवन के प्रतीक के रूप में उभरे। लोकतंत्रों के लिए संसदीय अनुसंधान और प्रशिक्षण संस्थान-प्राइड द्वारा आयोजित इस कार्यक्रम में देशभर से 530 से अधिक छात्रों ने भाग लिया और लोकसभा अध्यक्ष के साथ संवाद किया।