नासा ने अपने शक्तिशाली नए चंद्रमा रॉकेट को लांच पैड तक पहुंचा दिया है। इसके साथ ही 50 से अधिक वर्षों के बाद मानवयुक्त चंद्रमा फ्लाई अराउंड मिशन की तैयारियां तेज हो गई हैं। 322 फुट ऊंचा स्पेस लॉंच सिस्टम-एसएलएस रॉकेट फ्लोरिडा स्थिति कैनेडी अंतरिक्ष केन्द्र से लांच पैड तक ले जाया गया।
इस अभियान के अंतर्गत चार अंतरिक्ष यात्री चंद्रमा की परिक्रमा कर लगभग 10 दिनों की यात्रा के बाद पृथ्वी पर लौटेगें। इस मिशन का शुभारम्भ सम्भवत: फरवरी के शुरू में किया जा सकता है। अतरिक्ष यात्रियों के दल में नासा के तीन अंतरिक्ष यात्री रीड वाइजमैन, विक्टर ग्लोवर और क्रिस्टीना कोच और कनाडा का एक अंतरिक्ष यात्री जेरेमी हैनसेन शामिल हैं।
यह मिशन तकनीकी समस्याओं के कारण कई वर्षों तक टलता रहा था। हालांकि इस उड़ान में अंतरिक्ष यात्री चंद्रमा पर नहीं उतरेंगे, लेकिन यह आर्टेमिस कार्यक्रम के अंतर्गत भविष्य में होने वाली चंद्रमा पर लैंडिंग की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।
नासा फरवरी की शुरूआत में एक फ्यूलिंग परीक्षण करेगा, जिसके बाद आधिकारिक लॉंच तिथि तय की जाएगी। फरवरी में लॉंच के लिए केवल एक सीमित समयावधि उपलब्ध है इसके बाद मिशन को मार्च तक टालना पड़ सकता है। मिशन के सफल होने पर 1972 के बाद यह पहला अवसर होगा, जब मानव चंद्रमा की यात्रा करेगा।