रेल मंत्रालय और उर्वरक विभाग के बीच समन्वय के चलते खरीफ और रबी फसलों की आपूर्ति में उल्लेखनीय वृद्धि हुई है। रसायन और उर्वरक मंत्रालय ने कहा कि उर्वरक रैकों की तेज और सुचारू आवाजाही से राज्यों को समय पर आपूर्ति संभव हो सकी। इससे यह सुनिश्चित हुआ कि किसानों को खेती के लिए जरूरी उर्वरकों की किसी भी प्रकार की कमी का सामना न करना पड़े। मंत्रालय ने यह भी बताया कि अप्रैल-दिसंबर 2025 के दौरान उर्वरक की आवाजाही सर्वकालिक उच्च स्तर पर पहुंच गई, जिसमें शुद्ध आपूर्ति 530 दशमलव एक-छह लाख मीट्रिक टन से अधिक हो गई, जो इस अवधि के दौरान पहली बार 500 लाख मीट्रिक टन के आंकड़े को पार कर गई। यह वित्त वर्ष 2024-25 की इसी अवधि की तुलना में 12.2 प्रतिशत की वृद्धि को दर्शाती है।
मंत्रालय ने आगे बताया कि यूरिया रेक की आवाजाही बढ़कर दस हजार से अधिक हो गई है, जो पिछले वर्ष की तुलना में 8 प्रतिशत की वृद्धि को दर्शाती है, जबकि फास्फोरस और पोटेशियम उर्वरकों की आवाजाही आठ हजार 806 रेक दर्ज की गई है, जो 18 प्रतिशत की वृद्धि दर्शाती है।