दिसम्बर 25, 2025 9:22 अपराह्न

printer

रेलवे ने यात्रियों की सुविधा और परिचालन संतुलन के लिए किराया ढांचा युक्तिसंगत बनाया

रेलवे ने यात्रियों की सुविधा और परिचालन की निरंतरता को संतुलित करने के उद्देश्य से कल से अपने यात्री किराया ढांचे को युक्तिसंगत बना दिया है। संशोधित किराया ढांचे के तहत उपनगरीय सेवाओं और सीज़न टिकटों के किराए में कोई बदलाव नहीं किया गया है। इसमें उपनगरीय और गैर-उपनगरीय दोनों मार्ग शामिल हैं। संशोधित किराया केवल कल या उसके बाद बुक किए गए टिकटों पर लागू होगा। इससे पहले बुक किए गए टिकटों पर कोई अतिरिक्त शुल्क नहीं लगेगा, भले ही यात्रा प्रभावी तिथि के बाद की जाए।

गैर-उपनगरीय साधारण गैर-वातानुकूलित सेवाओं के लिए चरणबद्ध तरीके से द्वितीय श्रेणी साधारण, स्लीपर श्रेणी साधारण और प्रथम श्रेणी साधारण में किराए को युक्तिसंगत बनाया गया है।

साधारण द्वितीय श्रेणी में 215 किलोमीटर तक की यात्राओं के लिए किराए में कोई वृद्धि नहीं की गई है ताकि कम दूरी और दैनिक यात्रियों पर कोई प्रभाव न पड़े। 216 किलोमीटर से 750 किलोमीटर तक की दूरी के लिए किराए में पांच रुपये की वृद्धि की गई है। इसके अलावा 751 किलोमीटर और 1250 किलोमीटर के बीच की दूरी के लिए किराया 10 रुपये, 1251 किलोमीटर और 1750 किलोमीटर के बीच की दूरी के लिए 15 रुपये और 1751 किलोमीटर और 2250 किलोमीटर के बीच की दूरी के लिए 20 रुपये बढ़ा दिया गया है।

गैर-उपनगरीय यात्राओं के लिए साधारण स्लीपर क्लास और साधारण फर्स्ट क्लास के किराए में प्रति किलोमीटर 1 पैसा की एकसमान वृद्धि की गई है। इससे किराए में क्रमिक और सीमित वृद्धि सुनिश्चित हुई है।

मेल और एक्सप्रेस ट्रेनों में गैर-वातानु‍कूलित और वातानुकूलित श्रेणियों में किराए में दो पैसा प्रति किलोमीटर की तर्कसंगत वृद्धि की गई है। इसमें स्लीपर क्लास, फर्स्ट क्लास, वातानुकूलित चेयर कार, वातानुकूलित थ्री-टियर, वातानुकूलित टू-टियर और वातानुकूलित फर्स्ट क्लास शामिल हैं।

तेजस राजधानी, राजधानी, शताब्दी, दुरंतो, वंदे भारत, हमसफर, अमृत भारत, तेजस आदि प्रमुख रेल सेवाओं के मौजूदा मूल किराए को अनुमोदित श्रेणीवार मूल किराया वृद्धि के अनुरूप संशोधित किया गया है। रेल मंत्रालय ने कहा कि आरक्षण शुल्क, सुपरफास्ट सरचार्ज या अन्य सहायक शुल्कों में कोई बदलाव नहीं किया गया है। ये शुल्‍क मौजूदा नियमों के अनुसार ही लागू रहेंगे। इसमें यह भी कहा गया है कि जीएसटी की व्यावहरिकता में कोई बदलाव नहीं होगा और किराए को प्रचलित मानदंडों के अनुसार ही राउंड ऑफ किया जाएगा।