अगस्त 6, 2025 8:17 पूर्वाह्न

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राष्ट्रीय सहकारी नीति देश में सतत सहकारी विकास के लिए एक व्यापक रोडमैप प्रदान करती है: केंद्रीय मंत्री अमित शाह

केन्‍द्रीय सहकारिता मंत्री अमित शाह ने कहा है कि प्रधानमंत्री नरेन्‍द्र मोदी के नेतृत्‍व में सहकारिता मंत्रालय सहकारी समितियों को जीवंत और सफल व्‍यवसायिक इकाईयों में बदलने के लिए प्रतिबद्ध है। उन्‍होंने कहा कि देश में पांच वर्षों में दो लाख बहुद्देशीय सहकारी समितियों की स्‍थापना के महत्‍वाकांक्षी लक्ष्‍य को देखते हुए अभी तक 35 हजार से अधिक नई सहकारी समितियों का गठन हुआ है। सहकारिता क्षेत्र को मजबूत करने की पहलों के संबंध में कल नई दिल्‍ली में अपने मंत्रालय की परामर्शदात्री समिति की दूसरी बैठक की अध्‍यक्षता करते हुए उन्‍होंने यह जानकारी दी।

 

श्री अमित शाह ने कहा कि सहकारिता का क्षेत्र भूमिहीन और गरीब लोगों के लिए खुशहाली का मार्ग खोल सकता है। उन्‍होंने बताया कि सहकारिता क्षेत्र, कृषि और किसानों की समृद्धि के लिए राष्‍ट्रीय स्‍तर की तीन सहकारी समितियों का गठन किया गया है।

 

उन्‍होंने परामर्शदात्री समिति के सभी सदस्‍यों से अपने राज्‍यों में डेयरी क्षेत्र को मजबूती प्रदान करने के लिए कहा ताकि सहकारी समितियों को बढ़ावा मिले।

 

श्री शाह ने कहा कि सहकारिता मंत्रालय ने विगत चार वर्षों में प्राथमिक कृषि ऋण समितियों, डेयरी, मत्‍स्‍य पालन, सहकारी बैंकों, चीनी से संबंधित सहकारी समितियों और सहकारी शासन प्रणाली को मजबूत करने के लिए 100 से अधिक पहलें की हैं।

 

केन्‍द्रीय सहकारिता मंत्री ने बताया कि राष्‍ट्रीय सहकारिता नीति 2025 देश में सहकारिता के दीर्घकालिक विकास की व्‍यापक रूपरेखा प्रदान करता है।

 

बैठक में केन्‍द्रीय सहकारिता राज्‍य मंत्री कृष्‍ण पाल और मुरलीधर मोहोल ने भी भाग लिया।

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