शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने कहा कि राष्ट्रीय शिक्षा नीति-एनईपी 2020, विश्वस्तरीय शिक्षा को सार्वभौमिक रूप से बढ़ावा देने के लिए तैयार की गई एक दार्शनिक रूपरेखा के रूप में कार्य करती है। यह विकसित भारत 2047 के लक्ष्य को प्राप्त करने की दिशा में सबसे महत्वपूर्ण माध्यम बन गई है। आज नई दिल्ली में अखिल भारतीय शिक्षा समागम 2025 को संबोधित करते हुए श्री प्रधान ने कहा कि राष्ट्रीय शिक्षा नीति भारतीय शिक्षा प्रणाली में एक परिवर्तनकारी पुनर्जागरण का प्रतिनिधित्व करती है।
श्री प्रधान ने कहा कि राष्ट्रीय शिक्षा नीति उस शाश्वत सभ्यतागत लोकाचार को पुनर्जीवित कर रही है जो राष्ट्र निर्माण के केंद्र में शिक्षा को रखता है। उन्होंने कहा कि यह नीति एक समग्र, समावेशी और भविष्य के लिए तैयार शिक्षा प्रणाली के लिए एक मजबूत आधार स्थापित करती है। श्री प्रधान ने कहा कि एनईपी शिक्षार्थियों को सशक्त बना रही है, नवाचार को बढ़ावा दे रही है और 21वीं सदी में वैश्विक नेतृत्व के लिए भारत की आकांक्षाओं के अनुरूप है।