राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन – एनडीए ने बिहार विधानसभा चुनाव के लिए आज संयुक्त संकल्प पत्र जारी किया। मुख्यमंत्री नीतीश कुमार, भाजपा अध्यक्ष जे.पी नड्डा, प्रदेश भाजपा चुनाव प्रभारी धर्मेंद्र प्रधान और एनडीए के अन्य नेताओं की उपस्थिति में यह संकल्प पत्र जारी किया गया। प्रदेश भाजपा अध्यक्ष दिलीप जायसवाल ने कहा कि एनडीए के चुनाव घोषणा पत्र का मतलब प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की गारंटी और बिहार के मुख्यमंत्री नितिश कुमार का विश्वास है। उन्होंने आरोप लगाया कि बिहार की जनता राज्य की छवि खराब करने के कारण राहुल गांधी और तेजस्वी यादव को माफ नहीं करेगी।
संकल्प पत्र में रोजगार सर्जन, कौशल विकास, महिला सशक्तिकरण और किसानों को वित्तीय सहायता उपलब्ध कराने पर बल दिया गया। बिहार के एक करोड़ से अधिक लोगों को रोजगार के अवसर उपलब्ध कराने और एक करोड़ महिलाओं को लखपति दीदी बनाने की भी घोषणा की गई है। संकल्प पत्र में कृषि संबंधी बुनियादी ढांचे पर एक लाख करोड़ रूपये निवेश करने की बात भी कही गई है।
एनडीए ने 7 एक्सप्रेस वे बनाने और 3600 किलोमीटर रेलवे लाइन के आधुनिकीकरण का भी वायदा किया है। राज्य में उद्योगों के विकास के लिए एक लाख करोड़ रूपये निवेश करने की भी घोषणा की गई है। राज्य के प्रत्येक जिले में आधुनिक विनिर्माण इकाइयां और दस नए औद्योगिक पार्क विकसित किए जाएंगे। राज्य में गरीबों के कल्याण के लिए 125 यूनिट बिजली निशुल्क उपलब्ध कराने और पांच लाख रूपये तक की किफायती स्वास्थ्य सुविधा का भी वायदा किया गया है।
बिहार के उपमुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने कहा है कि एनडीए ने अतीत में बिहार के लोगों के लिए कार्य किया है और आने वाले वर्षों में भी करता रहेगा। उन्होंने कहा कि बिहार में एनडीए सरकार ने नौकरियां और रोजगार के अवसर उपलब्ध कराए हैं तथा समाज के प्रत्येक वर्ग का ध्यान रखा है।
इस बीच एनडीए के घोषणा पत्र की आलोचना करते हुए जन सुराज संस्थापक प्रशांत किशोर ने कहा कि बिहार में पिछले 20 वर्ष से एनडीए की सत्ता है और चुनाव घोषणा पत्र जारी करने के बजाए उन्हें अपना रिपोर्ट कार्ड लाना चाहिए। उन्होंने कहा कि एनडीए और महागठबंधन बेरोजगारी, प्रवासन, स्वास्थ्य और शिक्षा जैसे वास्तविक मुद्दों पर बात नहीं कर रहे हैं।