स्वापक नियंत्रण ब्यूरो-एनसीबी ने मादक पदार्थों में इस्तेमाल होने वाले रसायनों की हेराफेरी से जुड़े एक हाई-प्रोफाइल मामले में बड़ी सफलता हासिल की है। ब्यूरो की अहमदाबाद क्षेत्रीय इकाई इसकी जांच कर रही थी।
गुजरात की एक अदालत ने इस मामले में कल सोनीपत स्थित एल्प्स लाइफ साइंसेज प्राइवेट लिमिटेड और उसके तीन वरिष्ठ अधिकारियों को दोषी ठहराया। इन पर मेथम्फेटामाइन के निर्माण में इस्तेमाल होने वाले प्रमुख घटक स्यूडोएफेड्रिन की अवैध हेराफेरी का आरोप है। अदालत ने तीनों आरोपियों को जुर्माने के साथ सात साल के कठोर कारावास की सजा सुनाई है। कंपनी पर भी जुर्माना लगाया गया है।
स्वापक नियंत्रण ब्यूरो ने मार्च 2023 में मिली खुफिया जानकारी के आधार पर गुजरात के पिपावाव बंदरगाह से अफ्रीका को निर्यात किए जाने वाला एक कंटेनर जब्त किया था। इसमें लगभग 60 लाख फार्मास्युटिकल कैप्सूल थे, जिन पर एपेड्रिन और स्यूडोएफेड्रिन होने का दावा किया गया था। जांच के दौरान पता चला कि खेप में तीन उत्पाद एल्पसीआईटी, कोल्डफिट और टी-डो शामिल थे। एल्पसीआईटी में स्यूडोएफेड्रिन की उपस्थिति पाई गई।