फ़रवरी 6, 2026 9:52 अपराह्न

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राष्ट्रीय आपदा प्रबंधन प्राधिकरण की सदस्य रीता मिसल ने नई दिल्ली में आयोजित फिक्‍की के न्यू एज रिस्क 2026 सम्मेलन को संबोधित किया

राष्ट्रीय आपदा प्रबंधन प्राधिकरण की सदस्य रीता मिसल ने आज कहा कि आपदा से निपटने की क्षमता लागत का बोझ नहीं बल्कि दीर्घकालिक स्थिरता और प्रतिस्पर्धात्मकता के लिए एक रणनीतिक निवेश है। उन्होंने यह बात नई दिल्ली में आयोजित फिक्‍की के न्यू एज रिस्क 2026 सम्मेलन को संबोधित करते हुए कही। सुश्री मिसल ने कहा कि तेजी से बढ़ती आपदाएं अधिक खर्चीली हो रही हैं और परस्पर जुड़ी हुई हैं। उन्होंने कहा कि देश के तीव्र विकास के साथ-साथ आपदा पूर्व-तैयारी को सुदृढ़ करना जरूरी है। उन्होंने आर्थिक निरंतरता को सुरक्षित रखने के लिए जोखिम संबंधी जानकारी, डेटा-आधारित योजना और सक्रिय उद्योग भागीदारी के महत्व पर प्रकाश डाला।

इस अवसर आपदा प्रतिरोधी अवसंरचना गठबंधन के वैश्विक कार्यक्रम और रणनीति निदेशक डॉ. रमेश सुब्रमण्यम ने कहा कि लचीलापन अवसंरचना नियोजन में तैयारी को एकीकृत करने का अवसर प्रदान करता है, जिससे नुकसान और सेवा व्यवधानों को कम किया जा सके। उन्होंने उन्नत प्रौद्योगिकियों का लाभ उठाने, प्रकृति-आधारित समाधानों को बढ़ावा देने और वित्तीय नवाचार को प्रोत्साहित करने की आवश्यकता पर बल दिया। कार्यक्रम के दौरान, ‘रिस्क आउटलुक – भारतीय व्यवसायों के लिए भारत के जोखिम परिदृश्य का एक कम्पास’ शीर्षक वाली एक रिपोर्ट जारी की गई। यह रिपोर्ट उभरते जोखिमों और विभिन्न क्षेत्रों में लचीलापन विकसित करने के तरीकों पर उद्योग जगत की अंतर्दृष्टि प्रदान करती है।

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