राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु ने आज भारत के डिजिटल और फिनटेक पारिस्थितिकी तंत्र के लगातार विस्तार के बीच, अधिक वित्तीय समावेशन, ज़िम्मेदारी के साथ प्रौद्योगिकी का उपयोग और महिलाओं की अधिक भागीदारी का आह्वान किया। भुवनेश्वर में आज ‘ब्लैक स्वान समिट’ को संबोधित करते हुए राष्ट्रपति ने कहा कि भारत की फिनटेक यात्रा को न सिर्फ़ नवाचार के लिए, बल्कि समावेशन और स्त्री-पुरुष न्याय के लिए भी याद किया जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि लाखों भारतीयों के लिए फिनटेक एक जीवनरेखा बन गया है। इससे सीधे लाभ हस्तांतरण, किसानों को समय पर भुगतान और छोटे व्यवसायों के लिए आसान डिजिटल लेनदेन संभव हो रहा है।
डिजिटल सार्वजनिक अवसंरचना के प्रभाव को लेकर राष्ट्रपति ने कहा कि 57 करोड़ से अधिक जन धन खाते खोले गए हैं। इनमें से 56% से अधिक खाते महिलाओं के हैं। इसे उन्होंने महिला सशक्तिकरण का एक उदाहरण बताया। उन्होंने कहा कि महिलाओं को सिर्फ़ यूज़र के तौर पर नहीं, बल्कि फिनटेक पारिस्थितिकी तंत्र में लीडर और उद्यमी के तौर पर देखा जाना चाहिए। उन्होंने साइबर खतरों से सावधान रहने और डिजिटल साक्षरता और नैतिक प्रौद्योगिकी अपनाने की ज़रूरत पर भी बल दिया।