जनवरी 25, 2026 10:08 अपराह्न

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राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु ने 77वें गणतंत्र दिवस की पूर्व संध्या पर 70 वीरता पुरस्कारों की घोषणा की

राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु ने 77वें गणतंत्र दिवस की पूर्व संध्या पर आज सशस्त्र बलों के 70 कर्मियों के लिए वीरता पुरस्कारों की घोषणा की। इनमें छह पुरस्‍कार मरणोपरांत दिए जाने हैं। अंतर्राष्ट्रीय अंतरिक्ष स्टेशन का दौरा करने वाले पहले भारतीय बनकर इतिहास रचने वाले ग्रुप कैप्टन शुभांशु शुक्ला को देश के सर्वोच्च शांतिकालीन वीरता पुरस्कार अशोक चक्र से सम्मानित किया जाएगा।

मेजर अर्शदीप सिंह, नायब सूबेदार डोलेश्वर सुब्बा सिंह और ग्रुप कैप्टन प्रशांत बालकृष्णन नायर को कीर्ति चक्र से सम्मानित किया जाएगा। इसके साथ ही, सशस्त्र बलों के कर्मियों को 13 शौर्य चक्र, एक वीरता बार टू सेना मेडल, 44 वीरता सेना मेडल, छह वीरता नौसेना मेडल और दो वीरता वायु सेना मेडल भी दिए जाने हैं।

    राष्ट्रपति ने सशस्त्र बलों और अन्य कर्मियों के लिए 301 सैन्य पदकों को भी मंजूरी दी है। इनमें 30 परम विशिष्ट सेवा पदक, चार उत्तम युद्ध सेवा पदक, 56 अति विशिष्ट सेवा पदक, नौ युद्ध सेवा पदक, सेना पदक के दो विशिष्ट बार, 43 विशिष्ट सेना पदक, आठ विशिष्ट नौ सेना पदक, 14 विशिष्ट वायु सेना पदक और 135 विशिष्ट सेवा पदक शामिल हैं।

इस अवसर पर राष्ट्रपति ने सशस्त्र बलों के कर्मियों को 98 प्रशस्ति पत्र स्वीकृत किए, जिनमें पांच मरणोपरांत दिए जाने वाले प्रशस्ति पत्र शामिल हैं। इनमें भारतीय सेना के 81 पदक शामिल हैं, जिनमें ऑपरेशन रक्षक के लिए 17, ऑपरेशन स्नो लेपर्ड के लिए 11, ऑपरेशन हिफाजत के लिए 11, ऑपरेशन ऑर्किड के लिए पांच, ऑपरेशन मेघदूत के लिए दो, ऑपरेशन राइनो के लिए एक, ऑपरेशन सिंदूर के लिए दो और बचाव अभियान के लिए तीन पदक शामिल हैं। हताहतों को निकालने की कार्रवाई के लिए चार, ऑपरेशन सोफैन के लिए एक और विविध अभियानों के लिए 24 पदक शामिल हैं।

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