राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु ने गुजरात के जूनागढ़ ज़िले में कल अफ्रीकी मूल की एक आदिम जनजाति सिद्दी समुदाय के सदस्यों से बातचीत की। राष्ट्रपति मुर्मु ने जनजातीय लोगों को सशक्तिकरण और प्रगति के साधन के रूप में शिक्षा प्राप्त करने के लिए प्रोत्साहित किया। उन्होंने इस बात पर प्रसन्नता व्यक्त की कि विशेष रूप से वंचित सिद्दी समुदाय ने 72 प्रतिशत से अधिक की साक्षरता दर हासिल कर ली है।
राष्ट्रपति ने समुदाय से केंद्र सरकार की शुरू की गई विभिन्न विकास और कल्याणकारी योजनाओं के बारे में जानकारी रखने का आग्रह किया। राष्ट्रपति मुर्मु ने जनजातीय समुदायों की प्रकृति-अनुकूल जीवनशैली की भी प्रशंसा की और इसे टिकाऊ जीवन के लिए प्रेरणा का स्रोत बताया। उन्होंने कहा कि जनजातीय संस्कृति और परंपराओं का सम्मान तथा संरक्षण करने वाले न्यायसंगत और समावेशी समाज के निर्माण में जनजातीय लोगों की सक्रिय भागीदारी महत्वपूर्ण है। उन्होंने कहा कि 2047 तक विकसित भारत का सपना साकार करने के लिए समानता, न्याय और जनजातीय अधिकारों की सुरक्षा सुनिश्चित करना आवश्यक है।
इससे पहले, राष्ट्रपति ने गिर सोमनाथ जिले के प्रसिद्ध सोमनाथ मंदिर में पूजा-अर्चना की। राष्ट्रपति बृहस्पतिवार को राज्य के तीन दिवसीय दौरे पर गुजरात पहुंची थीं।