अगस्त 7, 2025 8:08 पूर्वाह्न

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राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु आज नई दिल्ली में 11वें राष्ट्रीय हथकरघा दिवस समारोह की अध्यक्षता करेंगी

आज राष्ट्रीय हथकरघा दिवस। इस दिवस का उद्देश्य – भारत के जीवंत हथकरघा क्षेत्र और देश की ग्रामीण अर्थव्यवस्था तथा सांस्कृतिक पहचान में इसके योगदान को सम्मानित करना है। 

 

राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु आज नई दिल्ली में 11वें राष्ट्रीय हथकरघा दिवस समारोह की अध्यक्षता करेंगी।

 

वस्त्र मंत्रालय के इस कार्यक्रम का उद्देश्य भारत के जीवंत हथकरघा क्षेत्र और देश की ग्रामीण अर्थव्यवस्था तथा सांस्कृतिक पहचान में इसके योगदान को सम्मानित करना है।

 

देश भर से लगभग छह सौ पचास बुनकर, विदेशी खरीदार, प्रतिष्ठित व्‍यक्ति, निर्यातक और वरिष्ठ सरकारी अधिकारी इस समारोह में भाग लेंगे।

 

वस्त्र मंत्री गिरिराज सिंह, वस्त्र राज्य मंत्री पबित्रा मार्गेरिटा और वस्त्र मंत्रालय की सचिव नीलम शमी राव भी इस समारोह में शामिल होंगी।

 

समारोह में इस क्षेत्र के विकास में उल्लेखनीय योगदान देने वाले उत्कृष्ट बुनकरों को संत कबीर हथकरघा पुरस्कार और राष्ट्रीय हथकरघा पुरस्कार जैसे प्रतिष्ठित पुरस्कार प्रदान किए जाएँगे।

 

संत कबीर पुरस्कार में साढ़े तीन लाख रुपये का नकद पुरस्कार दिया जाता है, जबकि राष्ट्रीय हथकरघा पुरस्कार में दो लाख रुपये का नकद पुरस्कार प्रदान किया जाता है।

हथकरघा निर्यात संवर्धन परिषद के संयुक्‍त निदेशक डॉक्‍टर सुंदर मुरुगेशन ने कहा है कि सरकार हथकरघा वस्‍तुओं को प्राथमिकता दे रही है और वर्ष 2030 तक इसके उत्‍पादन में तीन गुणा वृद्धि का लक्ष्‍य है। तमिलनाडु वस्‍त्र उत्‍पादन केन्‍द्र कुल रोज़गार का 28 प्रतिशत योगदान करता है।

कोयम्‍बटूर, त्रिपुर, करुर, इरोड और सेलम वस्‍त्र उत्‍पादन के अलग-अलग केन्‍द्र हैं। आकाशवाणी के साथ बातचीत में उन्‍होंने कहा कि भारत लम्‍बे समय से ब्रिटेन का पसंदीदा देश है और इसी कारण से उसके साथ मुक्‍त व्‍यापार समझौता हुआ है।

तमिलनाडु में कालीन, बुने हुए वस्त्र, फर्श कवरिंग जैसे तैयार उत्पादों के क्षेत्र में एक अरब 20 करोड़ अमेरिकी डॉलर का कारोबार है। वर्ष 2030 तक इसके बढ़कर पाँच अरब अमरीकी डॉलर होने की संभावना है।

तमिलनाडु देश का अग्रणी वस्त्र निर्माण केंद्र है और वस्त्र क्षेत्र में उसका कुल रोजगार का 28 प्रतिशत योगदान है।