फ़रवरी 3, 2026 7:08 अपराह्न

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राष्ट्रपति के अभिभाषण के बाद राज्यसभा में धन्यवाद प्रस्ताव पर चर्चा जारी

राज्यसभा में राष्ट्रपति के अभिभाषण पर धन्यवाद प्रस्ताव पर चर्चा आज फिर शुरू हुई। चर्चा में भाग लेते हुए भाजपा के घनश्याम तिवारी ने कहा कि नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में सरकार 2047 तक भारत को एक विकसित राष्ट्र बनाने के लिए काम कर रही है। उन्होंने कहा कि 25 करोड़ लोगों को गरीबी से बाहर निकाला गया है और 95 करोड़ लोगों को सामाजिक सुरक्षा के दायरे में लाया गया है।

कांग्रेस सांसद रजनी अशोकराव पाटिल ने कहा कि राष्ट्रपति के अभिभाषण में देश की वास्‍तविक स्थिति को नहीं दर्शाया गया है। उन्होंने दावा किया कि वैश्विक स्तर पर भारत की प्रति व्यक्ति आय काफी कम है। श्रीमती पाटिल ने कहा कि निर्यात घट रहा है और बेरोजगारी दर बढ़ गई है। वाईएसआरसीपी सांसद गोल्ला बाबूराव ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में देश विश्व की चौथी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बन गया है। उन्‍होंने कहा कि गरीबों के लिए पांच करोड़ पक्के मकान बनाए गए हैं और 12 करोड़ लोगों को नल से जल उपलब्ध कराया गया है।

शिवसेना के मिलिंद मुरली देवरा ने कहा कि भारत की अर्थव्यवस्था सालाना सात प्रतिशत की दर से बढ़ रही है और प्रमुख अर्थव्यवस्थाओं में यह सबसे तेज है। उन्होंने कहा कि आज दुनिया कई देश भारत के साथ व्यापार समझौते करने के इच्छुक हैं। नेशनल कॉन्फ्रेंस के जी एस ओबेरॉय ने कहा कि राष्ट्रपति ने अपने संबोधन में संघवाद और सहकारी शासन की बात की है।

जम्मू-कश्मीर को राज्य का दर्जा देने की मांग करते हुए उन्होंने कहा कि जम्मू-कश्मीर आज भारत का एकमात्र ऐसा क्षेत्र है जिसे राज्य से केंद्र शासित प्रदेश बना दिया गया है। बीजेडी के सुभाषिस खुंटिया ने कहा कि ओडिशा के कई हिस्से अभी भी रेलवे नेटवर्क से नहीं जुड़े हैं। उन्होंने राज्य में धान की मजबूरी में बिक्री का भी उल्‍लेख किया। उन्होंने कहा कि ओडिशा को वर्षों से कोयले की रॉयल्टी में उचित संशोधन नहीं मिला है। चर्चा जारी है।