नवम्बर 15, 2024 1:57 अपराह्न

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राष्ट्रपति, उपराष्ट्रपति और प्रधानमंत्री ने झारखंड के स्थापना दिवस के अवसर पर राज्य के लोगों को शुभकामनाएं दीं

भगवान बिरसा मुंडा की आज 150वीं जयंती है। झारखंड के वीर बिरसा प्रकृति के असीम प्रेमी थे। सभी लोग इन्हें जल, जंगल, जमीन के रक्षक के रूप में याद करते हैं। बिरसा मुंडा एक युवा स्वतंत्रता सेनानी और जनजातीय समुदाय के नेता थे। बिरसा मुंडा झारखंड की मुंडा जनजाति से थे। उनका जन्म 15 नवंबर 1875 को झारखंड में हुआ था। बिरसा मुंडा ने ‘उलगुलान’ आंदोलन शुरू किया था। उस समय लोग उन्हें “धरती का पिता” कहकर पुकारते थे। उन्होंने अंग्रेजों की धर्मांतरण गतिविधियों के खिलाफ एक बड़ा आंदोलन खड़ा किया। बिरसा मुंडा ने सामंती व्यवस्था के खिलाफ भी आंदोलन किया था। उन्होंने जमींदारी प्रथा के विरोध में बड़ी लड़ाई लड़ी। बिरसा मुंडा झारखंड की भूमि से भारतीय स्वतंत्रता संग्राम हिस्सा ले रहे लाखों आदिवासियों के लिए प्रेरणा का स्रोत थे।

 

राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु, उपराष्ट्रपति जगदीप धनखड़ और प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने आज झारखंड के लोगों को राज्य के स्थापना दिवस पर शुभकामनाएं दीं। राष्ट्रपति मुर्मु ने सोशल मीडिया पोस्ट में कहा कि भगवान बिरसा मुंडा, वीर सिद्धो-कान्हू, चांद-भैरव, तिलका मांझी और नीलांबर-पीतांबर जैसे नायकों ने झारखंड की धरती को गौरवान्वित किया है। उन्होंने कहा कि झारखंड प्राकृतिक संसाधनों से भरपूर राज्य है और यहां के लोगों ने देश की प्रगति में अमूल्य योगदान दिया है। राष्ट्रपति मुर्मु ने कहा कि झारखंड का आदिवासी समाज अपनी सांस्कृतिक धरोहर के लिए भी जाना जाता है। उन्होंने कामना की कि झारखंड विकास की नई ऊंचाइयों को छुए।

 

उपराष्ट्रपति धनखड़ ने कहा कि प्राकृतिक संसाधनों, वन्य जीवन और समृद्ध सांस्कृतिक विरासत से संपन्न झारखंड भारत की विकास गाथा में महत्वपूर्ण योगदान दे रहा है। उन्होंने कहा कि झारखंड के आदिवासी समुदाय ने स्वतंत्रता संग्राम में अमूल्य योगदान दिया। श्री धनखड़ ने कामना की कि झारखंड निरंतर समृद्धि की ओर बढ़ता रहे।

 

प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि झारखंड की धरती आदिवासी समाज के संघर्ष और बलिदान से सिंचित है, जिसने हमेशा देश को गौरवान्वित किया है। उन्होंने कामना की कि प्राकृतिक संसाधनों से परिपूर्ण यह राज्य तीव्र गति से प्रगति करे।