रायपुर साहित्य उत्सव आज से शुरू हुआ। इस उत्सव का उद्घाटन राज्यसभा के उपसभापति हरिवंश ने किया। इस कार्यक्रम की अध्यक्षता मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने की।
उद्घाटन क्षेत्र को संबोधित करते हुए उपसभापति हरिवंश ने कहा कि छत्तीसगढ़ में समृद्ध और प्राचीन साहित्यिक परंपरा रही है। राज्य ने हमेशा अपनी स्थानीय संस्कृति को मजबूती से संरक्षित रखा है। उन्होंने कहा कि भारत की आत्मनिर्भरता ने विश्व को एक नई दिशा दी है और इस राष्ट्रीय शक्ति के पीछे साहित्य की अहम भूमिका रही है।
इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने कहा कि यह छत्तीसगढ़ राज्य के गठन का रजत जयंती वर्ष और अमृतकाल की अवधि है। इस उत्सव का आयोजन इस भावना को ध्यान में रखकर किया गया है।
तीन दिवसीय साहित्य उत्सव में कुल बयालीस सत्र आयोजित किए जाएंगे। इनमें समकालीन साहित्य के साथ-साथ सामाजिक और सांस्कृतिक मुद्दों पर गहन चर्चा होगी। इस उत्सव में देश भर के लगभग एक सौ बीस लेखक भाग ले रहे हैं।