फ़रवरी 12, 2026 12:49 अपराह्न

printer

राज्यसभा में विपक्ष के नेता मल्लिकार्जुन खरगे ने आंगनवाड़ी केंद्र में कथित जातीय भेदभाव पर उठाए सवाल

राज्यसभा में विपक्ष के नेता मल्लिकार्जुन खरगे ने आज ओडिशा के एक आंगनवाड़ी केंद्र में कथित जाति-आधारित भेदभाव पर चिंता व्यक्त करते हुए कहा कि देश में प्रगति और सुधार के दावों के बावजूद यह घटना लगातार जारी सामाजिक भेदभाव को दर्शाती है।

सदन में शून्यकाल के दौरान यह मुद्दा उठाते हुए श्री खरगे ने कहा कि 21वीं सदी में जब भारत सामाजिक विकास, सुधार और एकता की बात करता है, तब ओडिशा के एक विशेष समुदाय के सदस्यों ने कथित तौर पर अपने बच्चों को वहां कार्यरत एक दलित महिला द्वारा तैयार किया गया भोजन खाने से मना कर दिया है।

इस घटनाक्रम को बेहद चिंताजनक बताते हुए विपक्ष के नेता ने कहा कि आंगनवाड़ी केंद्र बच्चों के शारीरिक और मानसिक विकास की नींव हैं। उन्होंने कहा कि यदि जाति आधारित पूर्वाग्रह और भेदभाव को इस स्तर पर जारी रहने दिया गया, तो इसका बच्चों के विकास और कल्याण पर दीर्घकालिक प्रभाव पड़ेगा।

शिक्षा के अधिकार की गारंटी देने वाले अनुच्छेद 21ए का हवाला देते हुए उन्होंने कहा कि कार्यात्मक आंगनवाड़ी सेवाओं तक पहुंच, प्रारंभिक बाल्यावस्था देखभाल और शिक्षा का अभिन्न अंग है। उन्होंने संविधान के अनुच्छेद 47 का भी उल्लेख किया, जो राज्य को पोषण स्तर बढ़ाने और सार्वजनिक स्वास्थ्य में सुधार करने का निर्देश देता है, और कहा कि ऐसी घटनाएं इन संवैधानिक दायित्वों को कमजोर करती हैं।

श्री खरगे ने सभी संस्थानों में समानता और गरिमा के संवैधानिक मूल्यों को बनाए रखने के लिए तत्काल उपायों की भी मांग की।

सर्वाधिक पठित
सम्पूर्ण जानकारी arrow-right

कोई पोस्ट नहीं मिला