जुलाई 30, 2025 2:16 अपराह्न

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राज्यसभा में ऑपरेशन सिंदूर पर चर्चा करते हुए विदेश मंत्री डॉ. एस. जयशंकर ने ऑपरेशन के दौरान सशस्त्र बलों के प्रदर्शन की सराहना की

राज्यसभा में ऑपरेशन सिंदूर पर चर्चा फिर शुरू हुई। विदेश मंत्री डॉ. एस. जयशंकर ने चर्चा की शुरुआत करते हुए, ऑपरेशन के दौरान सशस्त्र बलों के प्रदर्शन की सराहना की।
 
राज्‍यसभा में पहलगाम आतंकवादी हमले के जवाब में मज़बूत, सफल और निर्णायक ऑपरेशन सिंदूर पर चर्चा फिर शुरू हो गई है। चर्चा में भाग लेते हुए विदेश मंत्री डॉक्‍टर एस. जयशंकर ने ऑपरेशन सिंदूर में सेना के प्रदर्शन और क्षमताओं की सराहना की और कहा कि इसके परिणामों से देश गौरवान्वित हुआ। विदेश मंत्री ने कहा कि पहलगाम आतंकवादी हमले के पीछे की मंशा जम्‍मू-कश्‍मीर की अर्थव्‍यवस्‍था को क्षति पहुंचाना था, जो अनुच्‍छेद-370 हटने के बाद सामान्‍य स्थिति और समृद्धि की ओर लौट रही थी।  डॉक्‍टर जयशंकर ने कहा इस घटना ने पूरे देश को स्‍तब्‍ध कर दिया था, और दुनियाभर से इस मामले में एकजुटता तथा सहानुभूति व्‍यक्‍त की गई। डॉक्‍टर जयशंकर ने कहा कि इस तरह का हमला बिल्‍कुल स्‍वीकार्य नहीं है, क्‍योंकि इसने सभी सीमाएं पार कर दी थी और ऐसे में दोषियों तथा उनके समर्थकों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई और जवाबदेही आवश्‍यक थी। 
 
 
विदेश मंत्री ने कहा कि हमले के बाद मंत्रिमंडल की सुरक्षा मामलों से सम्‍बद्ध  समिति ने पहला निर्णय यह लिया कि जब तक पाकिस्‍तान आतंकवाद के समर्थन को नहीं छोड़ता, तब तक सिंधु जल संधि को निलम्बित रखा जाएगा। उन्‍होंने कहा कि लोगों को साठ वर्ष तक यह बताया गया कि जवाहर लाल नेहरु की गलती को सुधारा नहीं जा सकता, लेकिन नरेन्‍द्र मोदी सरकार ने यह साबित कर दिखाया कि उसे सुधारा जा सकता है। उन्‍होंने कहा कि भारत 1947 से सीमापार से आतंकवाद का सामना कर रहा है तथा खून और पानी एक साथ नहीं बह सकते। 
 
 
डॉक्‍टर जयशंकर ने कहा कि पिछले एक दशक में भारत ने प्रधानमंत्री मोदी के प्रयासों से आतंकवाद को ब्रिक्‍स, शंघाई सहयोग संगठन, क्‍वाड तथा द्विपक्षीय वार्ता के स्‍तर पर वैश्विक मंचों पर उठाया है। 
 
 
डॉक्‍टर जयशंकर ने कहा कि यह भारतीय कूटनीति की सफलता का परिणाम है कि पाकिस्‍तान स्थित लश्‍कर-ए-तैयबा के प्रतिनिधि गुट द रजिस्‍टेंस फ्रंट को अमरीका द्वारा आतंकवादी संगठन घोषित किया गया। उन्‍होंने कहा कि ऑपरेशन सिंदूर के जरिए भारत ने स्‍पष्‍ट संदेश दिया कि वह किसी भी मध्‍यस्‍थता के लिए तैयार नहीं है और परमाणु धमकी को स्‍वीकार नहीं करेगा। 
 
 
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