विभिन्न मुद्दों पर विपक्षी दलों के हंगामे के बाद राज्यसभा की कार्यवाही दोपहर दो बजे तक के लिए स्थगित कर दी गई है। राज्यसभा की कार्यवाही सुबह जब 11 बजे शुरू हुई तो उपसभापति हरिवंश ने शून्यकाल चलाने की कोशिश की लेकिन विपक्षी सदस्यों ने बिहार में मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण और अन्य मुद्दे उठाए। उन्होंने कहा कि उन्हें चार विभिन्न मुद्दों पर विभिन्न राजनीतिक दलों से 21 स्थगन नोटिस प्राप्त हुए हैं। इनमें से 11 ऐसे मामले हैं जो न्यायालय में विचाराधीन हैं। उन्होंने कहा कि नियमानुसार विचाराधीन मामलों पर चर्चा नहीं होगी। उपसभापति ने सभी नोटिस को खारिज कर दिए। उन्होंने विरोध करने वाले सदस्यों से अपनी सीट पर वापस जाने का बार-बार आग्रह किया और शून्यकाल चलने देने की अपील की। हंगामा जारी रहने पर उपसभापति ने सदन की कार्यवाही दोपहर दो बजे तक के लिए स्थगित कर दी।
लोकसभा की कार्यवाही भी जब सुबह 11 बजे शुरू हुई तो विपक्षी दलों ने बिहार में मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण का मुद्दा उठाया और इसपर चर्चा की मांग की। लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने प्रश्नकाल चलाने की कोशिश की लेकिन विपक्षी सदस्य नारेबाजी करने लगे और अपना विरोध जारी रखा। इसके बाद अध्यक्ष ने सदन की कार्यवाही दोपहर 12 बजे तक के लिए स्थगित कर दी। शोर-शराबे के बीच ग्रामीण विकास राज्य मंत्री पेम्मासानी ने प्रधानमंत्री आवास योजना ग्रामीण के तहत आवास के निर्माण से सम्बंधित प्रश्न का उत्तर दिया।
जब 12 बजे लोकसभा की कार्यवाही दोबारा शुरू हुई तो भी विपक्षी दलों के सांसदों का हंगामा जारी रहा, जिसके बाद लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने सदन की कार्यवाही दोपहर 3 बजे तक के लिए स्थगित कर दी।