राज्यपाल लेफ्टिनेंट जनरल गुरमीत सिंह ने भ्रष्टाचार और नशे के खिलाफ एकजुट होने की आवश्यकता पर बल दिया है। उन्होंने कहा कि भ्रष्टाचार, समाज की प्रगति और विकास में बाधक है, और इसकी श्रृंखला को तोड़ना बेहद जरूरी है। राज्यपाल दून विश्वविद्यालय में आयोजित गंगधारा एक अविरल प्रवाह कार्यक्रम के समापन अवसर पर बोल रहे थे। राज्यपाल ने भारत को वर्ष 2047 तक विकसित राष्ट्र बनाने के लक्ष्य की ओर ध्यान आकर्षित करते हुए नागरिकों को अपने कर्तव्यों और जिम्मेदारियों का ईमानदारी से निर्वहन करने का आह्वान किया।
उन्होंने कहा कि एआई और तकनीकी नवाचारों को अपनाकर हम अपने लक्ष्यों को तेजी से प्राप्त कर सकते हैं। उन्होंने कहा कि इस कार्यक्रम से समाज के सामने स्थायी समाधान सामने आएंगे जो राज्य और राष्ट्र के विकास में सहायक सिद्ध होंगे। कार्यक्रम में केरल के राज्यपाल आरिफ मोहम्मद खान ने मुख्य वक्ता के रूप में अपने विचार प्रस्तुत किए। उन्होंने कह कि भारतीय संस्कृति समावेशी है जो ज्ञान और प्रज्ञा के संवर्धन के लिए जानी जाती है। इस दौरान उन्होंने महिलाओं की समान भागीदारी पर भी बल दिया।