छत्तीसगढ़ उच्च न्यायालय के मुख्य न्यायाधीश रमेश सिन्हा ने कहा है कि लोक अदालतों के आयोजनों के उद्देश्यों को ध्यान में रखकर अधिक से अधिक राजीनामा योग्य प्रकरणों का निराकरण किया जाना चाहिए। आज बिलासपुर में आगामी तेरह जुलाई को होने वाली नेशनल लोक अदालत की तैयारियों की समीक्षा करते हुए मुख्य न्यायाधीश ने सभी न्यायाधीशों से इस लोक अदालत में सिविल, आपराधिक और अन्य राजीनामा योग्य प्रकरणों को अधिक से अधिक संख्या में चिन्हांकित कर उनका निराकरण करने के निर्देश दिए।
उन्होंने कहा कि ऐसे राजीनामा योग्य प्रकरणों पर विशेष ध्यान दिया जाए, जो न्यायालयों में पांच या दस वर्ष से अधिक समय से लंबित है।
इस वर्चुअल बैठक में उच्च न्यायालय के अन्य न्यायाधीशों के अलावा राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण के कार्यपालक अध्यक्ष, सभी जिला विधिक सेवा प्राधिकरणों के अध्यक्ष और स्थायी लोक अदालत के चेयरमैन और अन्य संबंधित अधिकारी शामिल हुए।