राजस्व एवं बागवानी मंत्री जगत सिंह नेगी किन्नौर जिला के सांगला घाटी के दौरे पर है। नेगी ने दो दिवसीय टुकपा उत्सव का समापन करते हुए कहा कि मेले एवं त्यौहारों के माध्यम से जनजातीय जिला किन्नौर के लोगों में कठिन भौगोलिक परिस्थितयों के बावजूद भी आपसी मेल-जोल व भाईचारा बरकरार है।
नेगी ने कहा कि वर्तमान राज्य सरकार प्रदेश सहित जनजातीय जिलों की समृद्ध संस्कृति एवं धरोहरों के संरक्षण एवं संवर्धन के लिए प्रतिबद्ध है तथा इनके आयोजनों में पूर्ण सहयोग प्रदान कर रही है। उन्होंने कहा कि जनजातीय जिला किन्नौर की विविध संस्कृति, रीति-रिवाज, खान-पान व पहरावे को हमारी आने वाली पीढ़ी तक संरक्षित रखने के लिए इन मेले एवं त्यौहारों का आयोजन आवश्यक है ताकि हमारी संस्कृति से जो हमारी पहचान है वह हमारी आने वाली भावी पीढ़ी की भी रह सके।
सांगला घाटी के प्रथम दिन बागवानी मंत्री ने सांगला तहसील के थापासारिंग से केतरा संपर्क सड़क, बौद्ध मंदिर में दीया घर सांगला व वन विश्राम गृह सांगला के अतिरिक्त कमरों का लोकार्पण किया। इसके उपरांत बासपा खड्ड पर सीवरेज प्लांट, रेशवाल महिला मंडल भवन से अप्पर रेशवाल तक संपर्क सड़क की आधारशिला भी रखी।
नेगी ने बौद्ध मंदिर प्रांगण के नजदीक वर्षा शालिका की आधारशिला व बैठक स्थल की आधारशिला रखा। इस अवसर पर केबिनेट मंत्री का स्थानीय ग्रामीणों ने किन्नौरी वाद्य यंत्र सहित फूल मालाओं से भव्य स्वागत किया गया।दो दिवसीय उत्सव के सफल आयोजन के लिए मेले कमेटी को बधाई दी। इस से पूर्व मंत्री ने विभिन्न विभागों की ओर से लगाई गई प्रदर्शनी का अवलोकन भी किया गया।