रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह और फ्रांस की रक्षा मंत्री कैथरीन वॉट्रिन आज बेंगलुरु में छठी भारत-फ्रांस वार्षिक रक्षा संवाद की सह-अध्यक्षता करेंगे। बैठक में द्विपक्षीय रक्षा सहयोग के सभी पहलुओं की समीक्षा की जाएगी और औद्योगिक सहयोग बढाने पर बल दिया जाएगा।
बैठक में रक्षा सहयोग समझौते को अगले 10 वर्षों के लिए नवीनीकृत किए जाने और हैमर मिसाइलों के निर्माण के लिए समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर किए जाने की संभावना है। भारतीय सेना और फ्रांस की थल सेना प्रतिष्ठानों में अधिकारियों की पारस्परिक तैनाती के संबंध में भी एक घोषणा होने की उम्मीद है।
दोनों रक्षा मंत्री, प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी और फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों के कर्नाटक में टाटा एयरबस के एच-125 लाइट यूटिलिटी हेलीकॉप्टर की फाइनल असेंबली के वर्चुअल उद्घाटन के साक्षी भी बनेंगे।
भारत और फ्रांस के संबंधों में रक्षा क्षेत्र महत्वपूर्ण रहा है। वर्ष 2024-25 के दौरान उच्चस्तरीय आदान-प्रदानों के माध्यम से दोनों देशों के मजबूत और स्थायी द्विपक्षीय संबंध परिलक्षित हुए। श्री मोदी जुलाई 2023 में बैस्टिल दिवस परेड में मुख्य अतिथि थे। वहीं वर्ष 2024 में फ्रांस के राष्ट्रपति गणतंत्र दिवस परेड में मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुए थे।
हाल ही में हुए भारत-यूरोपीय संघ सुरक्षा और रक्षा साझेदारी से यूरोपीय देशों के साथ भारत के संबंध और भी मजबूत हुए हैं। वहीं, भारत और फ्रांस नियमित रूप से तीन प्रमुख अभ्यास- थल सेना के साथ ‘शक्ति अभ्यास’, नौसेना के साथ ‘वरुण अभ्यास’ और वायु सेना के साथ ‘गरुड़ अभ्यास’ करते आ रहे हैं।
12 अक्तूबर, 2025 को फ्रांस की रक्षा मंत्री बनने के बाद सुश्री कैथरीन वाउटरिन की यह भारत की पहली यात्रा होगी। भारत-फ्रांस वार्षिक रक्षा वार्ता, रक्षा और सुरक्षा सहयोग की समीक्षा के लिए आयोजित एक द्विपक्षीय बैठक है। इस बैठक का 5वां संस्करण 11 से 13 अक्तूबर, 2023 को फ्रांस में आयोजित किया गया था।