युवा कार्य और खेल राज्य मंत्री रक्षा निखिल खडसे ने आज नई दिल्ली में गिविंग विंग्स टू ड्रीम्स कॉन्क्लेव 2025 का उद्घाटन किया। इस अवसर पर सुश्री खडसे ने कहा कि यदि एथलीटों को शुरुआती वर्षों में खेल विज्ञान से परिचित नहीं कराया जाता है, तो उनके सुनहरे वर्ष बर्बाद हो जाते हैं। उन्होंने खेल क्षेत्र से सार्वजनिक-निजी भागीदारी-पीपीपी मॉडल अपनाने का आह्वान किया और निजी क्षेत्र से खेलों में निवेश करने का आग्रह किया।
सुश्री खडसे ने खेल विज्ञान में अनुसंधान और विकास को बढ़ाने की आवश्यकता पर भी ज़ोर दिया, जिसमें इन प्रगतियों को ग्रामीण क्षेत्रों तक पहुँचाने और शिक्षकों तथा प्रशिक्षकों को प्रशिक्षित करने पर ध्यान केंद्रित किया जाना चाहिए। उन्होंने शारीरिक शिक्षा के महत्व पर ज़ोर देते हुए कहा कि खेल प्रतिभाओं को तकनीक और प्रशिक्षण के माध्यम से उन्नत किया जाना चाहिए।
सुश्री खडसे ने यह भी आग्रह किया कि विदेशों से आयात पर निर्भरता कम करने के लिए सर्वोत्तम गुणवत्ता वाले उत्पादन के साथ भारत में ही खेल उपकरण बनाए जाने चाहिए। उन्होंने खेलों को आर्थिक विकास और एक जन आंदोलन के एक मॉडल के रूप में देखते हुए, कॉर्पोरेट सामाजिक उत्तरदायित्व निधि का उपयोग खेलों के लिए करने का आह्वान किया।
हमारे संवाददाता ने बताया है कि इस सम्मेलन में प्रमुख हितधारकों ने भारतीय खेल पारिस्थितिकी तंत्र के भविष्य पर चर्चा की, जिसमें निवेश, खेल विज्ञान, विनिर्माण और खेल स्टार्टअप्स के विस्तार पर ध्यान केंद्रित किया गया। इस सम्मेलन ने एक ऐसे पारिस्थितिकी तंत्र को बढ़ावा देने में एक नया अध्याय जोड़ा है जो पारदर्शी शासन को प्राथमिकता देता है, जमीनी स्तर की प्रतिभाओं में निवेश करता है और सार्वजनिक-निजी भागीदारी का लाभ उठाता है।