दिल्ली विधानसभा अध्यक्ष विजेंद्र गुप्ता ने कहा कि जब युवा नागरिक लोकतंत्र की जीवंत संस्थाओं के साथ जुड़ते हैं, तो वे न केवल इतिहास सीखते हैं, बल्कि राष्ट्र की निरंतर संवैधानिक यात्रा का हिस्सा भी बनते हैं। यह बात उन्होंने दिल्ली विधानसभा में माय भारत केंद्र द्वारा आयोजित 17वें जनजातीय युवा विनिमय कार्यक्रम में कही।
विधानसभा अध्यक्ष ने कहा कि राष्ट्रीय विकास की नींव संवैधानिक जागरूकता, सामाजिक एकजुटता और सूचित भागीदारी पर टिकी होनी चाहिए। उन्होंने विश्वास जताया कि लोकतांत्रिक संस्थाओं के भ्रमण से प्रतिभागियों को अपने-अपने क्षेत्रों में शासन, सार्वजनिक सेवा और सामुदायिक नेतृत्व में सार्थक योगदान देने की प्रेरणा मिलेगी।
इस संवाद कार्यक्रम में छत्तीसगढ़, झारखंड, मध्य प्रदेश, ओडिशा और महाराष्ट्र जैसे जिलों के लगभग 200 जनजातीय युवाओं ने भाग लिया। कार्यक्रम के दौरान प्रतिभागियों को विधानसभा सदन का भ्रमण भी कराया गया, जहाँ उन्हें इस सदन की समृद्ध ऐतिहासिक विरासत और एक संवैधानिक संस्था के रूप में इसके विकास से अवगत कराया गया।