यमन के हौसी विद्रोहियों ने मानवीय आधार पर आज 153 युद्ध बंदियों को एकतरफा रिहा कर दिया है। रेड क्रॉस की अंतर्राष्ट्रीय समिति- आई.सी.आर.सी. ने इस कदम की सराहना की है, जिसका उद्देश्य बंदियों के परिवारों को राहत और खुशी पहुंचाना है।
आईसीआरसी ने कहा कि वह स्टॉकहोम समझौते के तहत वार्ता को फिर से शुरू करने की दिशा में एक और सकारात्मक कदम के रूप में इस एकतरफा रिहाई का स्वागत करती है।
यमन की राजधानी सना में संघर्ष से जुडे बंदियों की रिहाई का अनुरोध राष्ट्रीय समिति ने किया जबकि इसका समर्थन आईसीआरसी की एक टीम ने किया था।
रेड क्रॉस की यह समिति एक तटस्थ, निष्पक्ष और स्वतंत्र संगठन है, जिसका उद्देश्य 1949 के जिनेवा सम्मेलनों के अनुसार मानवीय कार्य करना है। यह समिति सशस्त्र संघर्ष और अन्य हिंसा से प्रभावित विश्व भर के लोगों की मदद करता है और ऐसे लोगों की पीड़ा को दूर करने के लिए हर संभव प्रयास करता है। इस तरह के काम में रेड क्रॉस और रेड क्रिसेंट दोनों संगठनों का पूरा सहयोग मिलता है।