जुलाई 7, 2024 9:43 अपराह्न

printer

मौसम विभाग ने प्रदेश में 11 जुलाई तक बारिश होने का अनुमान जताया

प्रदेश की राजधानी लखनऊ, बाराबंकी, सीतापुर, कानपुर, झांसी, मिर्जापुर, बदायूं, अमरोहा, सहित कई जिलों में मध्यम से तेज बारिश का सिलसिला रूक-रूक कर जारी है। मौसम विभाग ने प्रदेश में 11 जुलाई तक बारिश होने का अनुमान जताया है। पिछले 24 घंटों में सबसे अधिक बारिश बलरामपुर में दो सौ 11 दशमलव चार मिलीमीटर दर्ज की गई।
नदियों का जलस्तर बढ़ने और बांधों से पानी छोड़े जाने के कारण गंगा, रामगंगा, सरयू, घाघरा और राप्ती सहित कई नदियां खतरे के निशान के पास पहुंच गई हैं, जिससे बाढ़ का खतरा बढ़ गया है। बलरामपुर में राप्ती नदी चेतावनी बिन्दु को पार कर खतरे के निशान के करीब पहुंच गई है। जिले के लगभग बारह गांव पहाड़ी नालों के पानी से घिर गये हैं।
 
उधर, अमरोहा में गंगा नदी का जलस्तर बढ़ने से तटवर्ती गांवों में पानी भर गया है। सिंचाई एवं जल संसाधन विभाग द्वारा जारी विज्ञप्ति के अनुसार शारदा नदी लखीमपुर खीरी के पलियाकलां में, राप्ती नदी श्रावस्ती के भिनगा में, बूढ़ी राप्ती नदी सिद्धार्थनगर के ककरही में और गंडक नदी कुशीनगर के खड्डा में खतरे के जलस्तर से ऊपर बह रही है, जबकि कुआनो नदी गोण्डा में खतरे के जलस्तर के पास बह रही है।
 
उधर, शाहजहांपुर में गंगा और रामगंगा नदियां उफान पर है, वहीं सहायक नदी गर्रा में भी पानी तेजी से बढ़ रहा है। इन जिलों के नदी के तटवर्ती क्षेत्रों के गांवों में बाढ़ का खतरा बना हुआ है। कुशीनगर जिले के बूढ़ी गंडक नदी का जलस्तर अचानक बढ़ने से खड्डा तहसील के शिवपुर गांव के 24 से अधिक लोगों को एनडीआरएफ की टीम की मदद से रेस्क्यू कराया गया।  उधर, लखीमपुर खीरी के पलियाकलां के आजादनगर गांव से बाढ़ प्रभावित 45 लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया गया।
 
उन्होंने कहा- तराई के जिले लखीमपुर खीरी में दो दिनों से हो रही लगातार बारिश से शारदा, घाघरा, मोहना लगभग सभी नदियां उफान पर देखी जा रही है ..शारदा नदी के  लगातार बढ़ रहे जलस्तर के कारण एनडीआरएफ की टीम के साथ पुलिस बल तथा उपजिलाधिकारी कार्तिकेय सिंह स्थिति पर  पलिया क्षेत्र में खुद नजर बनाए हुए है।
 
प्रदेश से सटे पड़ोसी देश नेपाल में भी बारिश होने के चलते सीमावर्ती जिलों में बाढ़ बचाव की तैयारियों को लेकर प्रशासन को अलर्ट कर दिया गया है। प्रदेश के राहत आयुक्त नवीन कुमार ने बताया कि बाढ़ को देखते हुए सभी संवेदनशील नदियों के तटों पर एनडीआरएफ,  एसडीआरएफ और फ्लट पीएससी की टीम तैनात कर दी गई है। बाढ़ चौकियों को अलर्ट कर दिया गया है और ग्रामीणों से भी सतर्क रहने की अपील की गई हैं। बाढ़ के लिये 24 घंटे कंट्रोल रूम संचालित किये जा रहे हैं।