वायु सेना प्रमुख-एयर चीफ मार्शल वी. आर. चौधरी ने कहा है कि बालाकोट जैसे सैनिक अभियान ने यह प्रदर्शित किया है कि राजनीतिक इच्छाशक्ति के बल पर एयरोस्पेस-पॉवर शत्रु के क्षेत्र से भी आगे प्रभावी होती हैं। श्री चौधरी ने आज नई दिल्ली में भावी टकराव में एयरोस्पेप-पॉवर पर 15वें जंबो मजूमदार एयरोस्पेप अंतराष्ट्रीय गोष्ठी में अपने उद्घाटन भाषण में यह बात कहीं।
उन्होंने यह भी कहा कि अंतरिक्ष में सैन्य करण और सशक्तिकरण अब ऐसी वास्तविकता बन गई है, क्योंकि वर्तमान में अनेक देश सामरिक लाभ प्राप्त करने के लिए अंतरिक्ष की संपप्तियों पर अधिक निर्भर रहते हैं।
वायु सेना प्रमुख ने स्पष्ट किया कि ब्लॉक चेन और कृत्रिम बुद्धिमत्ता मौजूदा शस्त्रों और मालसूची को अनावश्यक बना सकते हैं। इस अवसर पर वायु सेना प्रमुख ने इंडियन एयर फोर्स एण्ड इंटेग्रेशन ऑफ आर्म फोर्सेज पुस्तक का अनावरण किया।
प्रति वर्ष विंग कमांडर के. के. मजूमदार की स्मृति में यह गोष्ठी आयोजित की जाती है।