जुलाई 10, 2024 7:47 अपराह्न

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मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने आज पीलीभीत और लखीमपुर खीरी में बाढ़ ग्रस्त क्षेत्रों का स्थलीय निरीक्षण किया

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने आज पीलीभीत और लखीमपुर खीरी में बाढ़ ग्रस्त क्षेत्रों का स्थलीय निरीक्षण किया और बाढ़ प्रभावित लोगों को राहत सामग्री भी वितरित की। मुख्यमंत्री ने बाढ़ ग्रस्त क्षेत्रों का हवाई सर्वेक्षण भी किया। इस मौके पर केंद्रीय राज्य मंत्री और पीलीभीत के सांसद जितिन प्रसाद मौजूद रहे। मुख्यमंत्री ने बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में संचालित राहत कार्यों को लेकर समीक्षा बैठक की और अधिकारियों को बचाव और राहत कार्य युद्धस्तर पर संचालित करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि संकट की इस घड़ी में सरकार की ओर से हर संभव सहायता प्रदान की जाएगी।
 
 
मुख्यमंत्री ने अधिकारियों और जनप्रतिनिधियों को कुशलतापूर्वक राहत कार्य संचालित करने के निर्देश भी दिए। पीलीभीत में मुख्यमंत्री ने कहा कि नदियां उथली होने से बाढ़ आती है इसलिए नदियों का चैनलाइजेशन कराने के निर्देश विभागीय मंत्री को दिए गए हैं।
 
 
उन्होंने कहा कि अगर किसी भी किसान की कृषि योग्य जमीन नदी में कट जाती है तो उस किसान को तुरंत जमीन का पट्टा दिया जाएगा। इसके लिए  प्रशासनिक अधिकारियों से जमीन तलाशने को कहा गया है। मुख्यमंत्री ने कहा कि इस वक्त प्रदेश के बारह जनपद बाढ़ से प्रभावित हैं।
 
बाढ़ से 12 जनपद वर्तमान में प्रदेश के प्रभावित है और इनके 12 जनपदों में राहत और बचाव के कार्य युद्धस्तर पर चलाये जा रहे है और जनपद लखीमपुर में लगभग 1 लाख की आबादी बाढ़ से प्रभावित है और इसमें यहां पर अभी तक यद्यपि कोई जनहानि, पशुहानि नहीं होने के समाचार अभी देखने को मिले हैं। बचाव क लिये हम लोगों ने एनडीआरएफ, एचडीआरएफ, पीएसी विप्रण यूनिट इन सबको तो लगाया ही है स्थानीय गोताखोर भी है। हर ग्राम पंचायत में नौकाओं की व्यवस्था के लिये कहा गया हैं यहां पर 38 बाढ़ चौकियां भी स्थापित की गई है।
 
प्रदेश में लगातार हो रही बारिश और बांधों से पानी छोड़े जाने के कारण लखीमपुर खीरी में शारदा नदी, बाराबंकी और अयोध्या में घाघरा, बलरामपुर में राप्ती, सिद्धार्थनगर में बूढ़ी राप्ती और गोंडा में क्वानो नदी खतरे के निशान से ऊपर बह रही है। वहीं बदायूं में गंगा, बलिया-श्रावस्ती में घाघरा, सिद्धार्थनगर और गोरखपुर में राप्ती खतरे के निशान से महज आधा मीटर नीचे बह रही है। 
 
पीलीभीत-टनकपुर और पीलीभीत मैलानी रूट पर आज लगातार तीसरे दिन भी ट्रेनों का आवागमन बहाल नहीं हो सका है। शहर में जल भराव के कारण आज भी स्कूल बंद रखे गए हैं। पीलीभीत से दूसरे जिलों की ओर जाने वाली कई सड़कें पानी में डूबी हुई हैं और यातायात पूरी तरह प्रभावित है। जिले में एक लाख से ज्यादा लोग बाढ़ से प्रभावित हैं। नदियों का जलस्तर बढ़ने से संत कबीर नगर, देवरिया, बाराबंकी, अयोध्या, फर्रुखाबाद और शाहजहाँपुर जैसे अन्य जिलों पर भी बाढ़ का खतरा मंडरा रहा है। राज्य सरकार बाढ़ प्रभावित इलाकों में 24 घंटे बचाव और राहत अभियान चला रही है।
 
वहीं, मौसम विभाग की ओर से प्रदेश में भारी बारिश का ऑरेंज अलर्ट जारी किया गया है। विभाग का पूर्वानुमान है कि कल पूर्वी और पश्चिमी उत्तर प्रदेश के अलग-अलग हिस्सों में भारी बारिश हो सकती है।