केन्द्रीय रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने महाराष्ट्र के पालघर में मुंबई-अहमदाबाद हाई स्पीड रेल (एमएएचएसआर) परियोजना की दूसरी पहाड़ी सुरंग के सफालतापूर्वक बन जाने की घोषणा की। यह सुरंग देश के महत्वकांक्षी बुलेट ट्रेन कॉरिडोर में एक महत्वपूर्ण मील के पत्थर का परिचायक है। इस सुरंग की लंबाई 454 मीटर और चौड़ाई 14.4 मीटर है। यह सुरंग मुंबई-अहमदाबाद बुलेट ट्रेन परियोजना के अप और डाउन दोनों ट्रैकों के लिए सुविधा प्रदान करेगी।
श्री वैष्णव ने कल अच्छी गति से काम करने के लिए पूरी टीम की सराहना की। उन्होंने कहा कि पूरा विश्व भारत की पहली हाई स्पीड रेल परियोजना का साक्षी बन रहा है। उन्होंने बताया कि पालघर में दूसरी पहाड़ी सुरंग बनाने में एक महीने के अंदर सफलता मिल गई है, जबकि पहली सफलता इस साल 2 जनवरी को मिली थी।
श्री वैष्णव ने कहा कि इस परियोजना में उपयोग में लाई जा रहीं निर्माण की बहुत सी उन्नत प्रौद्योगिकियां और बड़ी मशीनें भारत में बनाई जा रही हैं। उन्होंने कहा कि बुलेट ट्रेन परियोजना का गुजरात खंड वाणिज्यिक परिचालन अगले वर्ष शुरू कर सकता है। श्री वैष्णव ने कहा कि हार्ड स्पीड रेल परिचालन 2029 तक कॉरिडोर का मुंबई तक पहुंचाने के साथ 2028 तक इसके ठाणे तक विस्तार किए जाने की आशा है।
इस अवसर पर पालघर लोकसभा निर्वाचन क्षेत्र के संसद सदस्य हेमंत विष्णु सावरा ने हाई स्पीड सुरंग बनाने के लिए रेल मंत्री के प्रति आभार प्रकट किया। उन्होंने उच्च गति के रेल कॉरिडोर, समर्पित माल ढुलाई गलियारा और आगामी वाधवन बंदरगाह सहित कई मुख्य रेल परियोजनाओं के जरिए जिले के तीव्र विकास का उल्लेख किया।