प्रमुख बलूच मानवाधिकार कार्यकर्ता मीर यार बलूच ने अमरीकी प्रशासन और जाँच एजेंसियों से पाकिस्तान का आतंकवाद के आधार पर मूल्याकंन करने का अनुरोध किया। उन्होंने उसके पिछले रिकॉर्ड के कारण आतंकवादी सूची में शीर्ष पर रखने पर विचार करने को भी कहा।
कई रिपोर्टों और विश्लेषणों का हवाला देते हुए उन्होंने कहा कि पाकिस्तान की खुफिया एजेंसी-आई.एस.आई. और सैन्य प्रतिष्ठानों के कर्मी चरमपंथी गुटों के लिए काम करते रहे हैं।
मीर ने चिंता व्यक्त की कि पूर्व राष्ट्रपति और सेना प्रमुख परवेज़ मुशर्रफ ने कुख्यात आतंकवादी हाफिज सईद और ओसामा बिन लादेन को पाकिस्तान के नायक बताया। पूर्व प्रधानमंत्री इमरान खान ने लादेन को शहीद का दर्जा दिया।
मीर ने पूर्व आई.एस.आई. निदेशक असद दुर्रानी के बयान को भी रेखांकित किया जिसमें उन्होंने कहा कि पाकिस्तान ने अफगानिस्तान में अपने सहयोग अभियान के दौरान अमरीका को मूर्ख बनाया और उससे अरबों डॉलर की सहायता प्राप्त की।
अंतरराष्ट्रीय मीडिया संस्थान को दिए बयान में दुर्रानी ने कहा था कि अमरीकी की वित्तीय सहायता से पाकिस्तान ने अफगानिस्तान में आतंकवादी गुटों के साथ संपर्क बनाए रखा। मीर ने कहा कि यह जरूरी है कि अमरीका की सुरक्षा संस्थाएं इन चिंताओं पर गम्भीरता से ध्यान दें।