बिहार में आगामी विधानसभा चुनावों और अन्य राज्यों में होने वाले उपचुनावों के मद्देनजर, चुनाव आयोग ने राजनीतिक दलों और उम्मीदवारों से सोशल मीडिया वेबसाइटों सहित किसी भी इंटरनेट-आधारित वेबसाइट पर राजनीतिक विज्ञापन जारी न करने का आग्रह किया है। आयोग ने कहा है कि कोई भी विज्ञापन जारी करने से पहले मीडिया प्रमाणन और निगरानी समिति से प्रमाणपत्र लिया जाना चाहिए। आयोग ने कहा है कि निर्धारित दिशानिर्देशों के अनुसार राजनीतिक विज्ञापनों के पूर्व-प्रमाणन के लिए ज़िला और राज्य स्तर पर समितियों का गठन किया गया है।
चुनावी परिदृश्य में सोशल मीडिया की बढ़ती पैठ को देखते हुए, आयोग ने उम्मीदवारों को नामांकन दाखिल करते समय अपने प्रामाणिक सोशल मीडिया अकाउंट्स का विवरण साझा करने का निर्देश दिया है। आयोग ने कहा है कि राजनीतिक दलों को विधानसभा चुनाव समाप्त होने के 75 दिनों के भीतर सोशल मीडिया वेबसाइटों सहित इंटरनेट के माध्यम से प्रचार पर हुए खर्च का विवरण भी प्रस्तुत करना होगा।