मेटा के मुख्यकार्यकारी अधिकारी मार्क ज़ुकरबर्ग अमरीका के लॉस एंजिल्स की एक अदालत में बच्चों पर सोशल मीडिया के प्रभाव की जांच के मुकदमे में आज गवाही के लिए पेश हुए। कैलिफ़ोर्निया की एक महिला ने आरोप लगाया कि इंस्टाग्राम और गूगल के स्वामित्व वाले यूट्यूब सहित मेटा प्लेटफॉर्म के इस्तेमाल से उसे अवसाद हुआ और आत्महत्या के विचार आने लगे। उसने 6 वर्ष की उम्र में यूट्यूब और 11 वर्ष की उम्र में इंस्टाग्राम का इस्तेमाल शुरू किया, बाद में वह टिकटॉक और स्नैपचैट से भी जुड़ गई।
मुकदमे में दावा किया गया है कि कंपनियों ने जानबूझकर ऐसे व्यसनकारी फीचर्स बनाए जिनसे युवा उपयोगकर्ताओं को नुकसान हुआ। मेटा और गूगल ने नेशनल एकेडमी ऑफ साइंसेज के शोध का हवाला देते हुए आरोपों से इनकार किया, जिसमें सोशल मीडिया और बिगड़ते मानसिक स्वास्थ्य के बीच कोई स्पष्ट संबंध नहीं पाया गया।
मार्क ज़ुकरबर्ग ने स्वीकार किया कि कंपनी की 13 वर्ष से कम उम्र के उपयोगकर्ताओं को हटाने की गति धीमी रही, लेकिन इसमें सुधार किए गए हैं। इंस्टाग्राम के प्रमुख एडम मोसेरी ने व्यसन के दावों को खारिज कर दिया। यह मामला युवाओं की पहुंच को प्रतिबंधित करने के बढ़ते वैश्विक प्रयासों के बीच सामने आया है, जिसमें ऑस्ट्रेलिया में नए प्रतिबंध और पूरे यूरोप में प्रस्तावित सीमाएं शामिल हैं।