विदेश मंत्री डॉ. एस. जयशंकर ने कहा है कि आतंकवाद मानवाधिकारों के उल्लंघन का सर्वाधिक घृणित अपराध है और इसे किसी भी आधार पर उचित नहीं ठहराया जा सकता। जिनेवा में मानवाधिकार परिषद को वीडियो लिंक के माध्यम से संबोधित करते हुए श्री जयशंकर ने कहा कि संघर्ष, ध्रुवीकरण और अनिश्चतता से भरे विश्व में भारत वैश्विक हित में इस समस्या का समाधान चाहता है। उन्होंने संयुक्त राष्ट्र और मानवाधिकार परिषद् से मानवाधिकारों के प्रति अपनी प्रतिबद्धताएं पूरी करने का आग्रह किया। उन्होंने कहा कि आतंकवाद को कतई बर्दाश्त न करने की नीति पर काम होना चाहिए। भारत को अक्तूबर में महासभा में 188 में से 177 मतों से सातवीं बार मानवाधिकार परिषद् के लिए चुना गया। श्री जयशंकर ने कहा कि यह भारी जनादेश भारत में अंतर्राष्ट्रीय समुदाय का भरोसा व्यक्त करता है।
News On AIR | फ़रवरी 27, 2026 8:56 पूर्वाह्न
मानवाधिकारों के उल्लंघन का सर्वाधिक घृणित अपराध है आतंकवाद: विदेश मंत्री डॉ. एस. जयशंकर