राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु ने आज राजधानी की महिलाओं को समर्पित चार योजनाओं का शुभारंभ किया। इन योजनाओं के अंतर्गत लखपति बिटिया योजना, सहेली पिंक स्मार्ट कार्ड, मेरी पूंजी मेरा अधिकार और मुफ्त एलपीजी सिलेंडर योजना शामिल हैं। इस अवसर पर राष्ट्रपति मुर्मु ने कहा कि महिलाएं समाज का अभिन्न स्तंभ हैं।
उन्होंने कहा कि महिलाओं का सम्मान और सशक्तिकरण एक सभ्य राष्ट्र की सच्ची पहचान है। राष्ट्रपति मुर्मु ने बताया कि केंद्र सरकार पीएम उज्ज्वला योजना, बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ और प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना जैसी परिवर्तनकारी पहलों के माध्यम से महिला सशक्तिकरण की दिशा में काम कर रही है।
कार्यक्रम को सम्बोधित करते हुए दिल्ली के उपराज्यपाल विनय कुमार सक्सेना ने इन परियोजनाओं को महिलाओं ही नहीं बल्कि उनें पूरे परिवार को सशक्त और समृद्ध करने वाली पहल बताया। उन्होंने कहा कि महिला सशक्तिकरण के लिए दूरदर्शी दृष्टिकोण आवश्यक है और ‘दिल्ली लखपति बिटिया योजना’ इसका सशक्त उदाहरण है।
वहीं, मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने कहा कि यह केवल योजनाओं का शुभारंभ नहीं है बल्कि सम्मान का संकल्प है। श्रीमती गुप्ता ने कहा कि इन योजना के माध्यम से राजधानी की महिलाओं के शिक्षा, गतिशीलता और घरेलू सशक्तिकरण जैसे पहलुओं को मजबूत करने की कोशिश की गई है।
इन परियोजनाओं के अंतर्गत पिंक सहेली स्मार्ट कार्ड के माध्यम से राजधानी की महिलाओं को डीटीसी बसों में निशुल्क यात्रा की सुविधा मिलेगी। इसके साथ ही मेट्रो, आरआरटीएस और अन्य सार्वजनिक सेवा वाहनों में भुगतान कर यात्रा के लिए भी इसका उपयोग किया जा सकेगा।
इस कार्ड योजना के तहत तीन प्रकार के मोबिलिटी कार्ड जारी किए जाएंगे। पिंक कार्ड मुफ्त दिया जाएगा और इसका खर्च दिल्ली सरकार वहन करेगी।
वहीं होली और दीवाली के अवसर पर राजधानी के सभी राशन कार्ड धारक परिवारों को सालाना दो मुफ्त एलपीजी सिलेंडर दिए जाएंगे। इस योजना के अंतर्गत 853 रूपए की राशि आज डीबीटी के माध्यम से हितधारकों के बैंक खाते में हस्तांतरित की गई।
राष्ट्रपति ने दिल्ली लाडली योजना के अंतर्गत मेरी पूंजी मेरा अधिकार के तहत आज 40 हज़ार से अधिक पात्र लाभार्थियों को 100 करोड़ रुपये से ज़्यादा की राशि बालिकाओं के बैंक खातों में हस्तांतरित की गई।
वहीं दिल्ली लखपति बिटिया योजना का भी आज शुभारम्भ किया गया। यह योजना दिल्ली सरकार की लाडली योजना के स्थान पर लायी गई है। इसके अंतर्गत हर पात्र बालिका के नाम विभिन्न चरणों में कुल 61 हजार रुपये जमा किए जाएंगे।
सरकार ने बताया की अगर बालिका स्नातक या व्यावसायिक डिप्लोमा जैसी निर्धारित शर्ते पूरी करती है तो 21 वर्ष की आयु तक ये राशि ब्याज सहित बढ़कर एक लाख रूपए से अधिक हो जाएगी। प्रादेशिक समाचार के लिए आदित्य प्रताप सिंह।