प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में केंद्रीय मंत्रिमंडल ने सहायक स्रोतों से महत्वपूर्ण खनिजों के पृथक्करण, और उत्पादन के लिए देश में पुनर्चक्रण क्षमता विकसित करने के लिए एक हजार पांच सौ करोड़ रुपये की प्रोत्साहन योजना को मंज़ूरी दी है।
यह योजना राष्ट्रीय महत्वपूर्ण खनिज मिशन का हिस्सा है। इसका उद्देश्य महत्वपूर्ण खनिजों की घरेलू क्षमता और आपूर्ति श्रृंखला में परिवर्तनशीलता लाना है। अन्वेषण, नीलामी तथा खदान संचालन, और विदेशी परिसंपत्तियों के अधिग्रहण वाली महत्वपूर्ण खनिज मूल्य श्रृंखला को भारतीय उद्योग को महत्वपूर्ण खनिजों की आपूर्ति करने से पहले एक निश्चित अवधि पूरी करनी होती है।
यह योजना मौजूदा वित्त वर्ष से वित्त वर्ष 2030-31 तक छह वर्षों की अवधि के लिए लागू होगी। पात्र फीडस्टॉक में ई-कचरा, लिथियम आयन बैटरी स्क्रैप, और ई-कचरा तथा एलआईबी स्क्रैप के अलावा अन्य स्क्रैप हैं। यह योजना नई इकाइयों में निवेश के साथ-साथ क्षमता विस्तार और मौजूदा इकाइयों के आधुनिकीकरण तथा विविधीकरण पर भी लागू होगी। यह योजना पुनर्चक्रण मूल्य श्रृंखला के लिए प्रोत्साहन प्रदान करेगी, जो महत्वपूर्ण खनिजों के वास्तविक निष्कर्षण में शामिल है।