राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र में वायु गुणवत्ता प्रबंधन आयोग ने मध्य दिल्ली में निरीक्षण अभियान चलाया। आयोग ने बताया कि इस अभियान में राष्ट्रीय राजधानी के करोल बाग और राजेंद्र नगर क्षेत्र शामिल थे। आयोग ने जानकारी दी कि निरीक्षण रिपोर्टों में 20 घटनाएं दर्ज की गईं, जिनमें बायोमास जलाने के दो मामले और नगरपालिका ठोस अपशिष्ट जमा करने के 18 मामले शामिल हैं। आयोग ने कहा कि यह अभियान खुले में बायोमास को डंप करने और जलाने की रोकथाम से संबंधित अनुपालन का आकलन करने और वायु प्रदूषण के स्थानीय स्रोतों की पहचान करने के लिए किया गया था।
आयोग ने दिल्ली नगर निगम को यह सुनिश्चित करने का निर्देश दिया है कि नगरपालिका ठोस अपशिष्ट और बागवानी अपशिष्ट को सड़कों या वाहन आवागमन क्षेत्रों के किनारे जमा न किया जाए, और अपशिष्ट को केवल निर्दिष्ट अधिकृत स्थलों पर ही निपटाया जाए। नगर निगम को अनधिकृत डंपिंग के खिलाफ निषेधात्मक निर्देशों को सख्ती से लागू करने और उल्लंघनकर्ताओं पर जुर्माना लगाने की भी सलाह दी गई है।