सरकार ने कहा है कि देश में मत्स्य उत्पादन वर्ष 2024-25 में 106 प्रतिशत वृद्धि के साथ लगभग 198 लाख टन हो गया है। इससे पहले यह वर्ष 2013-14 में 95 लाख टन था। मत्स्य पालन, पशुपालन और दुग्ध उत्पादन मंत्रालय के अनुसार, मत्स्य पालन और जलीय कृषि क्षेत्र देश की अर्थव्यवस्था में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है और लगभग तीन करोड़ मछुआरों और मछली पालकों को आजीविका प्रदान करता है। भारत विश्व का दूसरा सबसे बड़ा मछली उत्पादक देश है और वैश्विक उत्पादन में इसका योगदान आठ प्रतिशत है।
मंत्रालय ने कहा कि मत्स्य पालन क्षेत्र के व्यापक विकास को बढ़ावा देने के लिए कई परिवर्तनकारी पहल की गई हैं। वर्ष 2014-15 से अब तक विभिन्न योजनाओं, जिनमें नीली क्रांति, प्रधानमंत्री मत्स्य संपदा योजना और प्रधानमंत्री मत्स्य किसान समृद्धि सह-योजना शामिल हैं, के तहत 32 हजार 723 करोड़ रुपये स्वीकृत किए गए हैं। मंत्रालय ने कहा कि 2024-25 के दौरान भारत के सी-फूड निर्यात का मूल्य अब तक के उच्चतम स्तर पर पहुंच गया और यह 62 हजार 408 करोड़ रुपये तक हो गया।